लाडवा। स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मान्यता दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को नामजद किया है। आरोपियों ने दो लाख रुपये लेकर बोर्ड में जाली दस्तावेज जमा करा दिए।
थाना लाडवा में दी शिकायत में पवन गर्ग ने बताया कि वह शहर के एक नामी स्कूल की प्रबंधक समिति के प्रधान हैं। उनके स्कूल की हरियाणा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) से 10वीं तक की स्थायी मान्यता है। स्कूल को सीबीएसई की मान्यता दिलाने के लिए समिति ने सहमति जताई थी। इस दौरान उनकी मुलाकात अनिल राणा वासी मुखाला (करनाल) से हुई थी, जिसके स्कूल को सीबीएसई की मान्यता प्राप्त है। अनिल राणा ने बताया कि वह पहले भी कई स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता दिला चुके हैं। वह अपने साथी तरुण वासी इंद्री (करनाल) के साथ मिलकर यह काम करते हैं।
इस एवज में उसने दो लाख रुपये मांगे थे। आरोपी ने आश्वासन दिया था कि उसकी सीबीएसई और एचबीएसई के अधिकारियों के साथ अच्छी जान पहचान है। उसकी बातों में आकर उसने 50 हजार रुपये सहित स्कूल के कागजात दे दिए। आरोपी ने अन्य जरूरी कागजात स्वयं स्कूल के नाम से बनाने का आश्वासन दिया था। आरोपी ने ऑनलाइन सभी कागजात जमा कर भरोसा दिलाया कि सीबीएसई की टीम जल्द ही स्कूल का मुआयना करके मान्यता देगी और आरोपी ने उससे एक लाख रुपये और ले लिए।
कुछ समय बाद उनको स्कूल के संबंध में ई-मेल के जरिये एक प्रमाण पत्र मिला। जिसके बाद आरोपी उससे 50 हजार रुपये ले गया। इस दौरान उन्होंने स्कूल में सीबीएसई की कक्षाएं लगानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद उन्हें जानकारी मिली कि बोर्ड में आरोपी ने जाली दस्तावेज जमा कराए हैं। इस बारे में उसने आरोपी अनिल राणा से बातचीत की तो उसने बताया कि तरुण ने यह सारा काम किया है और उसने उसे काम से निकाल दिया है। शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।