संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। दो माह की गर्भवती से छेड़खानी करने के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने तीन साल कारावास व सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी ने छेड़खानी के दौरान गर्भवती के शोर मचाने पर उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया था, जिस कारण पेट में पल रहे बच्चे की मृत्यु हो गई थी।
उप न्यायवादी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि 25 जून 2019 को थाना केयूके के अंतर्गत रहने वाली एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 24 जून को वह अपने मकान के बाहर साफ सफाई कर रही थी। उसी समय अनिल उर्फ लीलू आया और उसे पकड़ लिया। ाोर मचाने पर अनिल ने उसको धक्का मारकर जमीन पर गिरा दिया और उसको जान से मारने की धमकी देकर मौका से फरार हो गया। वह दो माह की गर्भवती थी। उसके पति ने उसको अस्पताल में दाखिल कराया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि अनिल उर्फ लीलू की जबरदस्ती करने के कारण उसका बच्चे की मौत हुई है। शिकायत पर थाना केयूके में मामला दर्ज करके जांच महिला सहायक उप निरीक्षक सुमन देवी को सौंपी थी। कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़िता के बयान धारा 164 सीआरपीसी के तहत अदालत में कराए गए । 31 अक्तूबर 2019 को मामले के आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया । आरोपी को अदालत में पेश करके कारागार भेज दिया था।
मामले क सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में करते हुए 16 मार्च को अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर आरोपी अनिल उर्फ लीलू को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 354 के तहत तीन साल की कैद व पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने की सूरत में दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं धारा 506 के तहत एक साल की कैद व दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई, जुर्माना न भरने की सूरत में एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।