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परिजन बोले-पुलिस तत्पर होती तो बच सकती थी बेटी की जान

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थाना झांसा के अंतर्गत रहने वाली किशोरी का शव जैसे ही नरवाना ब्रांच नहर से निकाला गया तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने मौके पर ही पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पाकर सीआईए-दो और डायल-112 मौके पर पहुंची तथा परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजनों ने झांसा पुलिस पर ढुलमुल रवैया अपनाकर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि अगर पुलिस तत्परता से कार्रवाई करती तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला ने सीआईए-दो को जांच का जिम्मा सौंप दिया।
आरोपी जरनैल सिंह शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह किशोरी पर गलत नजर रखता था। चार-पांच महीने पहले जरनैल सिंह छात्रा के परिवार में एक शादी समारोह के दौरान फोटोग्राफी के लिए गया था। इस दौरान उसकी छात्रा के साथ मुलाकात हुई। इसके बाद से आरोपी छात्रा से स्कूल टाइम में अक्सर मिलने लगा। एक जुलाई को ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद छात्रा स्कूल गई थी। स्कूल के बाद छात्रा घर पहुंची और उसी दिन रात को लापता हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्कूल टाइम में ही आरोपी ने उनकी बेटी को बहकाया और साथ ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
शुगरफेड चेयरमैन एवं शाहाबाद के विधायक रामकरण काला ने परिजनों से मुलाकात की। विधायक ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों से मिलकर सख्त कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
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