शहर की कॉलोनियों में गलियां न बनने से खफा लोगों का आखिरकार गुस्सा फुट पड़ा है। विष्णु कॉलोनी और सैनी फार्म कॉलोनी के बाशिंदों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यही नहीं, का
कॉलोनी वासियों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के अधिकारी जानबूझ कर यहां के बाशिंदों को परेशान कर रहे हैं। विष्णु कॉलोनी वासी बरयाम सैनी, हरभजन सिंह, ओमप्रकाश, अशोक कुमार, विनोद, शिव, सतीश सैनी, मेघराज, राजेंद्र शर्मा, गुरनाम सिंह, युधिष्ठिर, लख्मीचंद, जीत राम, जयकुमार गुप्ता, जीवन ने बताया कि विष्णु कॉलोनी व सैनी फार्म कॉलोनी को बने करीब 35 साल हो चुके है, लेकिन यहां की गलियां कच्ची पड़ी हुई है। कई साल पहले लोगों ने अपने तौर पर इन गलियों को बनवाया भी था. लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा वाटर सप्लाई व सीवरेज पाइप लाइन दबाने के कारण इन हालत बेहद खराब हो गई है। नगर पालिका के बार बार चक्कर काटने पर भी इनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। कॉलोनी में न तो कोई लाइट चालू है और न ही गली ठीक है। इसके चलते लोगों को रात के समय काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। गलियां उबड़ खाबड़ होने के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके है। नगरपालिका के अधिकारी बार बार झूठ बोलकर लोगों को टरकाने में लगे है। अधिकारियों से मिलने पर कभी गलियों के टेंडर लगने और कभी लगाने की बात करते है। यहां के वासियों ने एक अगस्त को राज्यमंत्री संदीप सिंह के भाई विक्रमजीत सिंह से भी इसको लेकर बात की थी तो उन्होंने कहा था कि टेंडर लग चुके है। दो सप्ताह में गलियों का काम शुरू हो जाएगा, लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बाद अब नगरपालिका अधिकारी टेंडर लगाने की बात कर रहे है।
कॉलोनी वासियों ने बताया कि नगरपालिका डिवेलपमेंट के नाम पर लोगों से लाखों रुपये वसूल चुकी है। इसके बावजूद भी उनको कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। नगरपालिका केवल रुपये बटोरने का विभाग बनकर रह गया है। पंचायत से नगर पालिका बने दो साल से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन गलियों की हालत पहले से भी बदतर हो चुकी है।
नगर पालिका सचिव राकेश सचिव राकेश वालिया ने बताया कि गलियों के टेंडर लगाए जाने है। लोगों की समस्याएं ध्यान में हैं। कुछ तकनीकि समस्या के कारण ही टेंडर का काम रुका पड़ा है।