संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। नगर परिषद थानेसर में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीम ने कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिए। सैंपल देने में अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। नगर परिषद के 500 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियोें में से छह ही सैंपल देने के लिए आगे आए। करीब दो घंटा मोबाइल टीम एंबुलेंस लेकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर खड़ी रही। ऐसे में कुछ कर्मचारी तो एंबुलेंस को देख सैंपल देने से बचते नजर आए।
सुबह करीब साढ़े 11 बजे एंबुलेंस नगर परिषद कार्यालय के बाहर पहुंच गई थी। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, सचिव व एक अन्य अधिकारी वहां मौजूद रहे, हालांकि कोरोना की जांच उन्होंने भी नहीं कराई। काफी इंतजार के बाद भी जब कोई अधिकारी व कर्मचारी जांच कराने के लिए वहां नहीं आया तो नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने सक्षम युवाओं को सभी अधिकारी व कर्मचारियों को फोन कर जांच कराने के लिए कार्यालय आने को कहा।
इसके बाद भी कोई अधिकारी व कर्मचारी वहां नहीं पहुंचा। हैरानी की बात तो यह है कि कार्यकारी अधिकारी ने खुद भी कोरोना की जांच नहीं कराई, जबकि यह आदेश नगर परिषद के प्रशासक एवं एसडीएम थानेसर के थे और कार्यकारी अधिकारी ने ही इन आदेशों को आगे जारी किया था। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों मुख्य सफाई निरीक्षण व सफाई निरीक्षण सहित कई कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, जिस कारण सफाई शाखा को कई दिन कंटेनमेंट जोन भी बनाकर रखा गया। अधिकतर अधिकारी व कर्मचारी फील्ड में रहते हैं और कई लोगों के संपर्क में आते हैं। ऐसे में संक्रमित होने का उन्हें ज्यादा खतरा रहता है।
फील्ड में थे अधिकारी व कर्मचारी : रोहिला
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिला ने कहा कि सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को एक दिन पहले ही सैंपल कराने की सूचनी प्रेषित कर दी गई थी। कुछ लोगों ने मोबाइल टीम से जांच कराई भी है। बाकी के अधिकारी व कर्मचारी फील्ड में गए हुए थे इसलिए जांच कराने के लिए नहीं पहुंचे।
एंबुलेंस खड़ी करने के लिए नहीं मिली जगह, लगा जाम
स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीम को सुबह साढ़े बजे नगर परिषद कार्यालय में सैंपलिंग शुरू करनी थी, लेकिन किसी कारण टीम साढ़े 11 बजे कार्यालय पहुंची। अतिक्रमण के कारण बाजार में आए दिन लगने वाले जाम का सामना एंबुलेंस को भी करना पड़ा। काफी देर तक नप कार्यालय के बाहर एंबुलेंस खड़ी करने की जगह नहीं बन पाई जिस कारण बाजार में जाम की स्थिति पैदा हो गई।