अंबाला-शाहाबाद जीटी रोड पर शनिवार को हुए सड़क हादसे में गुडलक ही यात्रियों के लिए सुरक्षा कवच बना और करीब 45 लोगों की जान बाल बाल बची। ये सड़क हादसा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। हर कोई यही सोच रहा था कि इसमें कईं लोगों की जान गई होगी। ये पुलिस कर्मचारियों और उन राहगीरों का गुडलक ही था कि वे हादसे के समय गाड़ियों में सवार नहीं थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार में सवार तीन युवक कार से उतरकर बीस कदम ही चले थे कि तेज रफ्तार बस आकर कार पर पलट गई। उनका कहना है कि बस तूफान के झोंके की तरह आई और बोलेरो व कार को घसीट कर ले गई। वहीं पर खोखा चला रहे एक व्यक्ति नेे बताया कि इस दृश्य को उन्होंने स्वयं देखा। बस की अगली सीट पर बैठे बलविंद्र ने बताया कि जब बस अनियंत्रित होकर लिंक रोड पर उतरी तो उसने मौत को बिल्कुल अपने सामने खड़े देखा। डर के कारण उसने अपनी आंखें ही बंद कर ली। अचानक एक धमाका हुआ और बस पलट गई। चंद मिनटों के लिए बस में बचाओ-बचाओ व कराहने का ही शोर सुनाई दे रहा था। जब सभी सवारियों को परिचालक साइड के शीशे तोड़कर सकुशल बाहर निकाला गया तो सभी ने राहत की सांस ली और वाहेगुरू का शुक्रिया अदा किया।
हेल्पर्स का रहा सराहनीय योगदान
सड़क हादसे में घायल लोगों की मदद करने में हेल्पर्स संस्था की अहम भूमिका रही। हेल्पर्स के प्रधान तिलक राज सहित उनकी पूरी टीम निस्वार्थ भाव से राहत देने के लिए पहुंची। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों व राहगीरों की मदद से बस के सभी यात्रियों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
वर्जन
बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल चालक फरार है। जल्द ही चालक पुलिस गिरफ्त में होगा।
प्रेम सिंह, थाना प्रभारी, शाहाबाद