कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय में सोमवार को 37वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। पहले दिन 100 मीटर रेस, 200 मीटर रेस, गोला फेंक एवं चक्का फेंक प्रतियोगिताएं कराई गईं। मुकाबलोें में छात्राओं ने अपना दमखम दिखाया।
कार्यवाहक प्राचार्य मीनाक्षी ठकराल ने ध्वजारोहण कर खेलकूद प्रतियोगिता की विधिवत रूप से आरंभ करने की घोषणा की। सर्वप्रथम खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट निकाला। कोविड गाइडलाइन का ध्यान रखते हुए खेल प्रतियोगिताएं 18 फरवरी तक चलेंगी और अंतिम दिन विजेताओं के नाम घोषित किए जाएंगे। पहले दिन राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी नैंसी ने सभी प्रतिभागियों को शपथ दिलाई कि हम सभी खिलाड़ी नियमों का आदर व पालन करेंगे और मादक पदार्थों का प्रयोग न करते हुए पूरी निष्ठा के साथ खेलो में भाग लेंगे।
कार्यवाहक प्राचार्य ठकराल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही शिक्षा पद्धति में खेलकूद का महत्व रहा है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है, लेकिन आज के इस तकनीकी युग में युवा वर्ग मोबाइल व लैपटाप में व्यस्त होकर खेलकूद के प्रति उदासीन हो रहा है, जिसके कारण युवाओं में शारीरिक और मानसिक रोग बढ़ रहे हैं। इसलिए बच्चों को प्रारंभ से ही शिक्षा के साथ खेलने की स्वाभाविक प्रकृति को एक सुनिश्चित दिशा देकर अपने संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास पर ध्यान देना चाहिए। खेलकूद परिषद की संयोजिका डॉ. अनु चौहान के निर्देशन में प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। संचालन डॉ. नेहा ने किया। इस मौके परमहाविद्यालय की प्राध्यापिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।