कुरुक्षेत्र। हिडोला पूजन कर वामन द्वादशी मेले का शुभारंभ करते हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्ता?
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25 साल के बाद गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने सुबह 10 बजे मंत्रोच्चारण के साथ तीर्थ पूजन करके वामन द्वादशी मेले का शुभारंभ किया। वामन द्वादशी के पहले दिन गीता यज्ञ, वामन पुराण कथा, भगवान वामन की पालकी का पूजन और संध्या कालीन आरती का आयोजन किया गया।
हालांकि पहले दिन थीम पार्क होने वाले दंगल कुश्ती और कबड्डी का आयोजन नहीं हुआ। आज शुक्रवार को सुबह वामन पुराण कथा का भोग डाला जाएगा तथा दोपहर को दु:ख भंजन मंदिर से भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इस शोभा यात्रा में हरियाणा के पर्यटन एवं शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर विशेष रूप से शामिल होंगे। सुबह 10 बजे स्वामी ज्ञानानंद ने तीर्थ पूजन के बाद गीता यज्ञ में आहुति डाली तथा इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित करके वामन पुराण कक्षा की शुरुआत की।
दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय सन्निहित सरोवर पर पहुंचे। यहां राज्यपाल ने सर्वप्रथम तीर्थ पूजन किया तथा उसके बाद गीता यज्ञ में पूर्णाहुति डाली। राज्यपाल ने वामन भगवान की पालकी का भी पूजन किया।
वहीं, श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि मैं वामन द्वादशी उत्सव में उपस्थित होकर स्वयं को पुण्य का भागीदार मान रहा हूं। मेले के आयोजन व इस पवित्र पर्व पर मैं पूरे प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
प्रदेश के सभी लोगों की सुख शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। सभी के आपसी सहयोग से पौराणिक मेलों को पुनर्जीवित करें, जिससे भारतीय संस्कृति और प्रफुल्लित होगी। इससे कुरुक्षेत्र भूमि की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी। पुराणों में अवतारों की संख्या दस से लेकर 24 तक बताई गई है। भगवान विष्णु के दस प्रमुख अवतारों में लगभग सभी अवतारों का संबंध धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन भूमि से रहा है। इनमें वामन अवतार प्रमुख है और वामन की प्रकट स्थली होने के कारण कुरुक्षेत्र में कई सदियों से वामन द्वादशी मेले की परंपरा रही। मेले को पुन: जागृत करने के लिए केडीबी और सभा ने सराहनीय कार्य किए हैं।