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हादसों भरी डगर, अधिकारियों को नहीं फिक्र

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पिपली थर्ड गेट सिक्स लेन प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को चले आज तीन साल, एक माह और 11 दिन हो चुके हैं। नौ किलोमीटर लंबी इस सड़क का अभी भी निर्माण जिस गति से चल रहा है यह 2021 में भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा। यह प्रोजेक्ट शहर का सबसे लंबे समय से चलने वाला प्रोजेक्ट बन चुका है। अधिकारियों के अनुसार सड़क का 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। तीन साल में सिर्फ 50 प्रतिशत निर्माण की गति के हिसाब से 100 प्रतिशत निर्माण पूरा होने में तो छह साल का समय लगेगा। सड़क के निर्माण को लेकर विधायक सुभाष सुधा कई बार अधिकारियों पर सख्ती दिखा चुके हैं, लेकिन उनकी सख्ती का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा। हमने जब ग्राउंड लेवल पर जाकर देखा तो ठेकेदार द्वारा बनाई जा चुकी सड़क एक साल में ही कई जगह से उखड़ी और कई जगह अभी से पैच भी लगे पाए गए। बन चुकी सड़क पर करीब 50 गड्ढे हो चुके हैं और 45 जगह पैच भी लग चुके हैं। गड्ढों के कारण हादसा होने का भय बना है। इतना ही नहीं थर्ड गेट के पास सड़क दो जगह से बैठ भी गई है।
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चड्डा कंप्लेक्स सड़क पर छह जगह पेचवर्क, राशनवाला के सामने एक गड्ढा और कई पेच, होटल एच के आगे दो गड्ढे आठ पेच, जिला जेल के सामने कई जगह पेच लगे हुए हैं। आगे चलकर पुलिस लाइन के सामने 8-10 छोटे बड़े गड्ढे और सात जगह पेच, एक स्वीट हाउस के सामने एक बड़ा गड्ढा जहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। शहर के अंदर की बात करें तो कमानी चौक के पास सड़क का आधा टुकड़ा अभी तक अधूरा ही पड़ा है। यहां से थर्ड गेट की ओर बढ़े तो आगे चलकर गुरुद्वारा छठी पातशाही के सामने बनाई जा चुकी सड़क की हालत काफी खस्ता है। यहां पर मीरी पीरी चौक के पास गड्ढे बने हुए हैं। थीम पार्क के सामने की, पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र के आगे भी सड़क की हालत खराब है।
महाराणा प्रताप चौक, जेपी अस्पताल के आगे भी सड़क खस्ता हाल में है। सबसे ज्यादा खतरा रात को होता है, क्योंकि यहां सड़क पर लगी लाइटें बंद रहती हैं। आगे चलकर बीईओ दफ्तर के आगे गड्ढा है। वहीं थर्ड गेट पर जाकर देखेंगे तो स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। आस पास कई गड्ढे हैं और कई जगह पेच भी लग चुके हैं।
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पुरानी सड़क पर पिपली से मोहन नगर चौक तक सैकड़ों गड्ढे हैं। पिपली से शहर में प्रवेश करते ही इस तरफ की सड़क का कुछ हिस्सा बुधवार को ही उखाड़ा गया। वहीं मोहन नगर से ओवर ब्रिज पर चढ़ते ही सड़क पर बहुत से गड्ढे हैं और कई जगह पेच लगे हुए हैं। आगे ओवर ब्रिज उतरते ही कंडा चौक से फिर पुरानी सड़क शुरू हो जाती है, इस सड़क की हालत भी काफी खराब है।
शहरवासी वीरेंद्र ने कहा कि उनका घर थानेसर रेलवे स्टेशन के करीब सड़क पर ही है। घर के बिल्कुल सामने सड़क पर दो बड़े गड्ढे बने हुए हैं। रोजाना यहां इन गड्ढों के कारण हादसे होते हैं। कुछ दिन पहले तो एक मोटरसाइकिल चालक इसमें उछलकर दूर जा गिरा, गनीमत रही कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई।
नरेंद्र ने बताया कि सड़क पर रात के समय लाइटें भी बंद रहती हैं। पहले ही सड़क की हालत खराब है ऊपर से ये बंद लाइटें खतरा और बढ़ा देती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द से जल्द इस निर्माण को पूरा कराए। जनता काफी परेशान हो चुकी है।
गुरजीत पांचाल ने कहा कि तीन साल हो गए निर्माण कार्य को चलते हुए। लोगों का सब्र का बांध भी टूटा, लेकिन फिर भी अधिकारियों पर कुछ असर नहीं हुआ। इस सड़क ने लोगों को कई बीमारियां दी हैं और कई लोगों की तो यहां मौत भी हुई है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरुण भाटिया ने कहा कि प्रोजेक्टर का 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल प्लांट में कुछ कमी आने के कारण पिछले कुछ दिन निर्माण रूका हुआ था। प्रयास है कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कराया जाए। वहीं सड़क पर जो गड्ढे बने हुए हैं उन्हें भी ठीक कराया जाएगा। जब सड़क पूरी बनकर तैयार हो जाएगी तो इस पर एक लेयर बिछाई जाएगी, जिससे सारे गड्ढे और पेच वर्क ठीक हो जाएंगे।
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