पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के विकास के लिए कुरुक्षेत्र को कृष्णा सर्किट में शामिल किया गया है। कुरुक्षेत्र के तीर्थों का विकास करने के लिए सरकार की तरफ से करीब 98 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि विश्व में बहुत से ग्रंथ ऐसे हैं, जिनमें अलग-अलग विचार दिए गए हैं लेकिन गीता के मुकाबले कोई ग्रंथ नहीं जो जीवन को एक दिशा देता है। युवाओं को गीता का सार अपने जीवन में उतारना चाहिए। गीता का संदेश अर्जुन के लिए नहीं बल्कि हम सब के लिए दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव का स्वरूप बढ़ाने के लिए अगले वर्ष से गीता जयंती समिति बनाकर आयोजन करना चाहिए। इस समिति में समाज से जुड़ी संस्थाओं व अन्य संगठनों को जोड़ना चाहिए। इससे अलग-अलग संस्थाओं से जुड़े अनुयायी भी इस कार्यक्रम में भागीदार बनेंगे और महोत्सव का स्वरूप बड़ा होगा।
30 और तीर्थों को जोड़ा, कुल संख्या हुई 164
कुरुक्षेत्र की 48 कोस भूमि में अभी तक 134 तीर्थ स्थान थे, कुछ तीर्थ स्थान छूट गए थे, इस बार इसमें 30 और तीर्थों को जोड़ा गया है, जिसके बाद कुल तीर्थों की संख्या 164 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने महाभारत से जुड़े स्थानों पर विकास करवाने का निर्णय लिया। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के माध्यम से बजट दिया जा रहा है। 134 स्थानों में से 75 पर विकास से जुड़े काम चल रहे हैं। बचे हुए स्थानों की डिमांड मंगवाई गई है, वहां भी समितियों का गठन कर दिया गया है।