मतदान करतीं शिक्षिंका।
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सर्वसम्मति से चुने गए ये पदाधिकारी
- उप प्रधान- डॉ. राजवीर सिंह (शिक्षा विभाग)
- सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार (सांख्यिकी विभाग)
- सहसचिव डॉ. संदीप गुप्ता (पर्यावरण संस्थान)
- कोषाध्यक्ष डॉ. चंद्रकांत (कंप्यूटर साइंस विभाग)
ये बने कार्यकारिणी सदस्य
- फैकल्टी ऑफ लाइफ सांइसेज से डॉ. दीप्ति ग्रोवर
- फैकल्टी ऑफ साइंस से डॉ. सुरेंद्र सिंह
- फैकल्टी ऑफ महिला टीचर्स से डॉ. भावना दहिया
- फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड लैंग्वेज से डॉ. कुलदीप सिंह
- फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से डॉ. सुनील ढीगड़ा
- फैकल्टी ऑफ लॉ से डॉ. संतलाल
- फैकल्टी ऑफ इंस्टीट्यूट इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज से डॉ. जसविंदर कुमार और डॉ. अश्वनी मित्तल
डॉ. विवेक गौड़ की पिछले साल ही कुटा में हुई एंट्री
आईआईएचएस के शिक्षक डॉ. विवेक गौड़ की पिछले साल ही कुटा में एंट्री हुई थी। उन्होंने पहली बार सचिव के पद पर चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में डॉ. गौड़ ने 203 मत हासिल कर प्रतिद्वंदी डॉ. चंद्रकांत और डॉ. विजय को मात दी थी। डॉ. विवेक गौड़ ने इस बार फिर चुनावी दंगल में अपनी किस्मत आजमाई और 193 मत हासिल कर अपने प्रतिद्वंद्वी विधि विभाग के प्रोफेसर डॉ. दलीप कुमार को पराजित किया।
शिक्षकों के मान सम्मान के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ने को तैयार : डॉ. गौड़
नवनिर्वाचित कुटा प्रधान डॉ. विवेक गौड़ ने शिक्षकों का आभार जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने जो विश्वास जताया है, उन पर खरा उतरेंगे। वे हमेशा शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर बार-बार हमले कर रही है। शिक्षक किसी भी स्थिति में इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
वे सभी शिक्षक साथियों के साथ मिलकर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। इसके अलावा शिक्षकों की पदोन्नति और एरियर का लाभ दिलाने, विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने, शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष, विश्वविद्यालय में पांच दिन सप्ताह लागू कराने और स्ववित्त शिक्षकों को बजटिड में कन्वर्ट कराने सहित अन्य मांगों को लागू कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 2012 के बाद शिक्षकों के पदों पर भर्ती नहीं हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन से सहयोग से जल्द शिक्षकों की भर्ती कराने का प्रयास करेंगे।