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खेलों के महाकुंभ में दमखम दिखाएंगे 41 सूरमा

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शाहाबाद के हाकी एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में अभ्यास करती खिलाड़ी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 में जिले के 41 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसमें विभिन्न गेम्स के 21-21 महिला व पुरुष खिलाड़ी शामिल है। चार से 13 जून तक चलने वाले इस इवेंट में जिले में सबसे ज्यादा गतके के 16 खिलाड़ी हैं।
हालांकि भारोत्तोलक खिलाड़ी हर्ष इंजरी के कारण खेल का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। एक खिलाड़ी एथलेटिक्स, एक बॉक्सिंग, दो खिलाड़ी साइकिलिंग, हॉकी के 11 खिलाड़ियों में पांच पुरुष और छह महिलाएं, जूडो में एक-एक महिला व पुरुष, 10 मीटर राइफल शूटिंग में दो महिला व एक पुरुष खिलाड़ी और वॉलीबॉल में पांच में से तीन पुरुष और दो महिला खिलाड़ी है।
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जिले में शाहाबाद के एस्ट्रोटर्फ पर पुरुष हॉकी के लीग मैच खेले जाएंगे। जिले के खिलाड़ी बेहद ही उत्साहित है। कुछ खिलाड़ी ऐसे भी है, जो पहले भी खेलो इंडिया में खेल चुके हैं। इन खिलाड़ियों के अनुभव का टीम को भी फायदा होगा। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह ने बताया कि खिलाड़ी और टीम अर्जुन की तरह लक्ष्य निर्धारित कर लें। यह उनकी जीत का आधार बनेगा।
लॉंगजंप खिलाड़ी हिमांशु ने बताया कि वह साल 2019 खेलो इंडिया की तैयारी कर रहे हैं। परिवार और कोच अंजू कुमार का सहयोग है। इससे पहले वह नेशनल जूनियर प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं और नॉर्थ जोन प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता थ। पहली बार खेलो इंडिया में खेलने का मौका मिला है। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनकर देश का नाम रोशन करना है।
गत वर्ष हुई खेलो हरियाणा प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने वाली खिलाड़ी जसलीन कौर ने साइकिलिंग छोड़ दी थी। अब उनका खेलो इंडिया 500 मीटर टाइम ट्रायल में चयन हुआ तो उन्होंने बताया कि उनके पर तैयारी के लिए समय तो बहुत कम है, लेकिन उन्होंने जी जान से तैयारी शुरू कर दी है। खेलो इंडिया में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी।
अरमानदीप ने बताया कि गतका उनका पारंपरिक खेल है। फिलहाल वह पंचकूला में कोच सुखचैन सिंह की निगरानी में फरी सोटी का अभ्यास कर रहे हैं। पिछले साल हुई जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हासिल किया था। खेलो में इंडिया में अपना बेस्ट देने की कोशिश करेंगे।
गतका खिलाड़ी कृष ने बताया कि खेलो इंडिया में सिंगल सोटी में उसका चयन हुआ है। गांव में लोगों को गतका खेलते देखा तो उसे भी खेलने की ललक हुई। घर पर आकर वह अभ्यास करता था। उसके बाद उसका संपर्क कोच सुखचैन सिंह के साथ हुआ। उनके मार्गदर्शन में वह जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में खेला था। अब उसकी नजर गोल्ड मेडल पर है।
गतका खिलाड़ी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पांच साल की उम्र से गुरुद्वारा और नगर कीर्तन में युवाओं को गतका खेलते देखा था। उन्हीं से प्रेरित होकर उसने गतका सीखने का फैसला किया। इसमें घरवालों ने उनका पूरा साथ दिया। फिर कोच सुखचैन सिंह से सीखकर फिरोजपुर में हुई जूनियर नेशनल गतका प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया। सिंगल सोटी (टीम) में उसका चयन हुआ है।
आशीष ने बताया कि वह पहले फुटबॉल खेलता था, मगर उसने अपने कोच के पास कुछ बच्चों को गतका खेलते देखा तो उसकी भी गतके में रुचि बढ़ गई। उसने फुटबॉल छोड़कर गतका खेलना शुरू कर दिया। खेलो इंडिया में फरी सोटी में उसका चयन हुआ है। इससे पहले वह राज्य और नेशनल स्तर पर कांस्य पदक जीत चुका है।
गुरकीरत सिंह ने बताया कि वह पांच साल से गतका खेल रहे हैं। अब तक हुई चार नेशनल जूनियर प्रतियोगिता में उसने फरी और सिंगल सोटी के गेम में हिस्सा लिया, जिसमें उसने चार गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल जीते हैं। खेलो इंडिया में उसका चयन फरी सोटी (टीम) में हुआ है।
गतका सिंगल सोटी में चयनित हुए वारिस प्रीत ने बताया कि तीन साल की उम्र से गतका खेल रहे हैं। उनके पिता सुखचैन सिंह उनके कोच हैं। घर में सात लोग गतके के माहिर है। उनको देखकर वह भी गतका खेलने लगे। इसके अलावा राज्य स्तर पर 400 और 800 मीटर रेस प्रतियोगिता भी खेल चुका है। खेलो इंडिया में गोल्ड ही जीतने का सपना लिए वह खूब अभ्यास कर रहे हैं।
हिमांशी सिंह ने बताया कि स्कूल की ओर हुई जिला स्तरीय साइकिलिंग प्रतियोगिता में उसने गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद उन्होंने साइकिलिंग करने का निर्णय लिया। खेलो इंडिया में वह साइकिलिंग के चार इवेंट स्प्रिंट, परशूट, स्क्रैच रेस और टाइम ट्रायल में हिस्सा ले रही है। जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में वह इन इवेंट में एक गोल्ड, दो सिल्वर और एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
तमन्ना ने बताया कि दो साल से वह गतका खेल रही है। इससे पहले वह जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में प्रतिभागी रही। अब खेलो इंडिया में फरी सोटी (टीम) में चयन हुआ है। स्कूल में बच्चों को गतका खेलते देखा था। उनसे प्रेरित होकर उसने भी गतका खेलना शुरू कर दिया।
भानु ने बताया कि उसकी दोस्त तमन्ना ने उसे प्रेरित किया। उसके बाद उसने कोच सुखचैन सिंह से गतके की ट्रेनिंग ली और जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। खेलो इंडिया में उसका चयन सिंगल सोटी (टीम) में हुआ है। अब यहां से गोल्ड जीतकर जाना ही उसका लक्ष्य है।
हिमांशी ने बताया कि स्कूल में बच्चे गतके का अभ्यास करते थे। उनको देखकर उसने भी सोटी पकड़ ली और कोच के मार्गदर्शन में खेलना शुरू कर दिया और जूनियर नेशनल प्रतियोगिता का हिस्सा रही। खेल इंडिया से उसे बहुत सी उम्मीदें है। फरी सोटी (टीम) में उनका चयन हुआ है।
11वीं कक्षा की छात्रा हर्षप्रीत ने बताया कि गतका उनका पारंपरिक खेल है। पांच साल से वह गतका खेल रही है। एक बार जूनियर नेशनल प्रतियोगिता का हिस्सा रही है, जिसमें उसने सिल्वर मेडल प्राप्त किया था। खेलो इंडिया में सिंगल सोटी (टीम) में वह हिस्सा ले रही है।पहले स्थान पर आने का वादा कोच और घरवालों से किया है।
जसकीरत कौर ने बताया कि उसे पांच साल गतका खेलते हुए हो गए हैं। जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में उसने सिल्वर मेडल हासिल किया था। सिंगल सोटी में उसका चयन खेलो इंडिया में हुआ है। इसमें सिल्वर मेडल को गोल्ड में तब्दील करने का लक्ष्य है।
कंचन प्रीत ने बताया कि खेलो इंडिया हर खिलाड़ी के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे अच्छा मंच है। लॉकडाउन में भी वह गतका का अभ्यास करती थी। वह जूनियर नेशनल में खेल चुकी है। वह अपनी मेहनत के दम पर इस इवेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।
जूनियर नेशनल खेल चुकी ऐशमीत का फरी सोटी (टीम) में चयन हुआ है। पांच साल पहले उसने स्कूल में गतका खेलना शुरू किया था। बताया कि वह पंचकूला में है और खूब अभ्यास कर रही है। उसे पूरी उम्मीद है कि इस इवेंट में वह गोल्ड लेकर ही घर लौटेगी।
हॉकी खिलाड़ी कोमलप्रीत ने बताया कि उसने 4 जून 2021 से खेलना शुरू किया था। इसकी प्रेरणा उसे हॉकी खिलाड़ी लखविंद्र कौर से मिली। हॉकी में वह भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती है। उनका सपना है कि वह ओलंपिक में अपना और अपनी जन्मभूमि का नाम रोशन करे। मैं टीम में गोलकीपर हूं।
जूडो खिलाड़ी मनविंद्र सिंह ने बताया कि वह 2015-16 से जूडो खेल रहा है। पिछले साल लेबनान में एशियन चैंपियनशिप हुई थी, जिसमें उसका सातवां आया था। इसी साल उसने नेशनल में गोल्ड जीता था। उसका सपना ओलंपिक खेलने का है। इसमें उसकी बहन उसका पूरा सहयोग कर रही है। वह खेलो इंडिया में गोल्ड प्राप्त कर चुकी हैं।
जूडो खिलाड़ी शान ने बताया कि उन्होंने 2016 से जूडो खेलना शुरू किया। इसकी प्रेरणा उन्हें दंगल फिल्म से मिली थी। कड़े अभ्यास के बाद उसने जूनियर नेशनल में सिल्वर व ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। इंग्लैंड में हुए कॉमनवेल्थ गेम में भी उसने भाग लिया था। अब वह ओलंपिक की तैयारी कर रही है।
जश्नप्रीत सिंह ने बताया कि सिंगल सोटी (टीम) में उसका चयन हुआ है। गुरुद्वारा में उसने कुछ बच्चों को गतका खेलते देखा था, जिसके बाद उसे भी गतका खेलने का शौक हो गया। जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में उसका तीसरा रहा था। वह अब तीसरे से पहले स्थान पर आने के लिए खूब अभ्यास कर रहा है।
जसकीरत सिंह ने बताया कि उसे गतका खेलते पांच साल हो गए। इस दौरान राज्य स्तर पर दो बार प्रतियोगिता में हिस्सा। उसके बाद उसने जूनियर नेशनल खेला, जिसमें उसने पहला स्थान प्राप्त किया। खेलो इंडिया में भी वह अपना पहला स्थान बरकरार रखेगा। फरी सोटी (टीम) में उसे जगह मिली है।
हॉकी खिलाड़ी लवप्रीत सिंह ने बताया कि वह अपनी टीम में गोलकीपर है। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे संदीप सिंह उनके प्रेरणा स्त्रोत है। वे जूनियर नेशनल में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनकर ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपनी टीम को गोल्ड दिलाना है।
हर्षिता ने बताया कि 10 मीटर राइफल शूटिंग में वह जूनियर नेशनल और राज्य स्तर पर खेल चुकी हैं। राज्य स्तर पर हुई प्री हरियाणा शूटिंग में उसने 400 में से 398 अंक लिए थे। उनका पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई और शूटिंग पर है। लाडवा में कोच जगबीर सिंह से उन्होंने ट्रेनिंग ली है।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रमीता ने बताया कि इस माह ही उन्होंने जर्मनी में चल रहे जूनियर वर्ल्ड कप में दो सिल्वर और एक गोल्ड मेडल 10 मीटर राइफल शूटिंग में जीता है। इससे पहले गुवाहाटी में हुए खेलो इंडिया में कांस्य पदक जीता था। उनका लक्ष्य ओलंपिक में गोल्ड पर निशाना लगाकर अपने माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन करने का है।
प्रणव ने बताया कि वह अपनी बहन रमीता को देखकर शूटिंग में गया। पिछले साल हुए खेलो हरियाणा और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड जीता था। हाल ही में दिल्ली में चल रही प्री दिल्ली प्रतियोगिता में उसने सवोत्तम 400 में से 397 अंक प्राप्त किए हैं। उसका सपना अपनी बहन रमीता के जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने का है।
खेलो हरियाणा में कांस्य पदक जीत चुके भारोत्तोलक हर्ष ने बताया कि वह तीन साल से वेटलिफ्टिंग कर रहे हैं। यूथ हरियाणा वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उसने गोल्ड जीता था। कुछ महीने पहले उनको इंजरी हो गई, जिस कारण शायद वह खेलो इंडिया में खेल न पाए। उनका सपना अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने का है।
वॉलीबॉल खिलाड़ी रिंपी ने बताया वह और उनकी बहन नैंसी चार साल से वॉलीबॉल खेल रही है। टीम में उनकी पोजीशन मिडिल बलोकर की है। गांव में कोच रजनी रोहिल्ला को खेलते देखते थे, जिसके बाद उन दोनों कोच रजनी की देखरेख में वॉलीबॉल खेलना शुरू किया। खेलो हरियाणा में उन्होंने सिल्वर, यूथ नेशनल गेम (उत्तराखंड) में कांस्य और महाराष्ट्र में गोल्ड मेडल जीता। उनका लक्ष्य भारतीय टीम में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने का है।
वॉलीबॉल खिलाड़ी लवी ने बताया कि वह टीम उसकी पोजीशन सेट्टर की है। पांच साल के कॅरियर में वह जूनियर नेशनल, सब जूनियर नेशनल और खेलो हरियाणा जैसे इवेंट खेल चुके हैं। खेलो हरियाणा व सब जूनियर नेशनल में गोल्ड और जूनियर नेशनल में कांस्य पदक जीते हैं। लक्ष्य भारतीय वॉलीबॉल टीम में शामिल होकर ओलंपिक में सोना लाने का है।
वॉलीबॉल में रिसीवर अटैकर पोजीशन में खेलने वाले दीपांशु गांव के ही शिव कुमार को देखकर खिलाड़ी बने। बताया कि खेलो हरियाणा ने उनके लिए अच्छा मंच तैयार किया। इसमें उन्होंने गोल्ड जीता था। खेलो इंडिया में भी गोल्ड ही जीतने का लक्ष्य है। उनका सपना ओलंपिक में गोल्ड जीतकर अपने क्षेत्र को विश्व में चमकाने का है।
तरणदीप ने बताया कि वह नौ साल से हॉकी खेल रहे हैं। फ्लिकर सिंह के नाम से मशहूर संदीप सिंह को देखकर उन्होंने हॉकी में आने का निर्णय लिया। वह टीम में डिफेंडर की पोजीशन में खेलते हैैं। अब तक सब जूनियर, जूनियर नेशनल, प्री स्टेट और खेल हरियाणा में खेल चुके हैं। वह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना चाहते हैं।
दिग्विजय सिंह ने बताया कि वह तीन साल से वॉलीबॉल खेल रहे हैं। इस दौरान वह सब जूनियर, जूनियर नेशनल और खेल हरियाणा में भाग ले चुके हैं। टीम में उनकी पोजीशन मिडिल बलोकर की है। भारतीय वॉलीबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करके ओलंपिक में गोल्ड जीतना उनका लक्ष्य है।
सोनम ने बताया कि वह पांच साल से हॉकी खेल रही हैं। वह सब जूनियर, जूनियर नेशनल व गत खेलो इंडिया में खेली है। वह टीम में सेंटर फॉरवर्ड, लेफ्ट इन और स्ट्राइकर पोजीशन में खेलती है। असम में हुए खेलो इंडिया में उन्होंने गोल्ड जीता था। उनका लक्ष्य भारतीय महिला हॉकी में शामिल होकर ओलंपिक में गोल्ड पर गोल करना है।
परनीत कौर ने बताया कि वह टीम में डिफेंडर खेलती है। उनको हॉकी खेलते हुए आठ साल हो गए हैं। वह सब जूनियर, जूनियर नेशनल और इंडिया हॉकी कैंप में हिस्सा ले चुकी है। पुणे में हुए खेलो इंडिया में भी वह प्रदर्शन कर चुकी है। जैसे हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक खेलने का है उनका भी है।
गुरमेल कौर ने बताया कि वह दूसरी बार खेलो इंडिया खेल रही है। पुणे में हुए इस इवेंट में उन्होंने गोल्ड जीता था। वह टीम में फॉरवर्ड खेलती है और हॉकी आठ साल से खेल रही है। खेलो इंडिया हर खिलाड़ी के लिए बेहतरीन मंच है। उनका सपना ओलंपिक में खेलकर गोल्ड जीतने का है।
तीसरी बार खेलो इंडिया खेल रही हॉकी खिलाड़ी प्रिया ने बताया कि सब जूनियर, जूनियर नेशनल, सीनियर नेशनल और खेलो हरियाणा इवेंट में खेल चुकी है। सात साल से वह हॉकी खेल रही है। उनका सपना नेशनल महिला हॉकी टीम में शामिल होकर ओलंपिक खेलने का है। अब सिर्फ फील्ड में दम दिखाना है।
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अर्जमीत ने बताया कि उसके पिता गतका के कोच है। बचपन से ही उनको गतका खेलते देख रही हैं। गतका खेलते उसे 10 साल से ज्यादा का समय हो गया है। जूनियर नेशनल में उनका दूसरा आया था। सिंगल सोटी इवेंट में उनका चयन हुआ है। उनका लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतकर अपने परिवार का नाम रोशन करना है।
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