फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश-विदेश में बढ़ेगी हरियाणा के शहद की मिठास

विज्ञापन
The sweetness of Haryana's honey will increase in the country and abroad
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। हरियाणा के शहद की अब देश-विदेश में मिठास बढ़ेगी। शहद के व्यवसाय को नया आयाम देने के लिए दस वर्ष का एक्शन प्लान तैयार हो चुका है। इसका उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना है। उद्यान विभाग ने नई बी-कीपिंग एवं मधु पॉलिसी को लेकर बड़ी तैयारी कर ली है। मधुमक्खी पालन के लिए निशुल्क प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाएगा।
मधुमक्खी पालकों को मधुबक्शे देने के लक्ष्य को दस गुना बढ़ाया गया है। हरियाणा में सरसों के फूलों से उत्पादित शहद की यूरोप, अमेरिका, कनाडा व अरब देशों में अच्छी मांग है। कोरोना के बाद शहद की मांग बढ़ गई। पिछले साल सरसों का जो शहद थोक के भाव 70 रुपये प्रति किलो बिकता था, वह अब 135 से 140 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। अन्य फूलों से तैयार शहद 180 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
विज्ञापन

- हरियाणा में मधुमक्खी पालकों की संख्या 3000
- राज्य में सालाना शहद उत्पादन करीब 4000 मीट्रिक टन
- मधुमक्शों की संख्या करीब तीन लाख
- शहद के कुल उत्पादन का 70 से 80 प्रतिशत तक निर्यात
- देश में मधुबक्शों की संख्या करीब 40 लाख
- सालाना शहद उत्पादन करीब एक लाख पांच हजार मीट्रिक टन
- पिछले साल शहद का निर्यात करीब 72 हजार मीट्रिक टन
शहद प्रसंस्करण इकाई, पैकिंग स्टोर, बॉटलिंग यूनिट, उपकरण निर्माता इकाइयां स्थापित करने और शहद के रिटेल आउटलेट खोलने पर ध्यान केंद्रित रहेगा। केंद्र के माध्यम से अनुदान योजनाओं व मधुबक्शे देने की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इन इकाइयों की स्थापना पर 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। शहद उत्पादन के साथ वैक्स व पोलन इत्यादि उत्पाद भी बनने लगेंगे जो अतिरिक्त आमदनी का अच्छा स्रोत होंगे। मधुमक्खियों से परागण प्रक्रिया होती है जिससे फसलों की पैदावार बढ़ती है।
विज्ञापन

- डॉ. बिल्लू यादव, उपनिदेशक उद्यान विभाग एवं प्रभारी एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र, रामनगर, कुरुक्षेत्र
किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हरियाणा की मधु पॉलिसी का एक्शन प्लान दस साल के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने नवंबर में यह पॉलिसी लांच की है। प्रदेश में मधुमक्खी पालकों की संख्या बढ़ानी है। इसके साथ ही आधारभूत ढांचा भी विकसित किया जाएगा। पहले हर साल मधुमक्खी पालकों को करीब चार हजार मधुबक्शे देते थे। इस लक्ष्य को दस गुना बढ़ा दिया है। वर्ष में 40 हजार तक मधुबक्शे दिए जाएंगे। इसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया है। मधुबक्शे बनाने के लिए एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र में तैयारी कर ली है। एक किसान 50 बक्शे ले सकता है।
- डॉ. अर्जुन सिंह सैनी, महानिदेशक, उद्यान विभाग हरियाणा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें