हरियाणा सरकार ने आधारकार्ड को फेमिली आईडी से जोड़ने के आदेश के बाद अब प्रॉपर्टी आईडी को भी परिवार पहचानपत्र (फेमिली आईडी) से लिंक करने का आदेश जारी कर दिया है। शीघ्र ही नगर निगम भी इसके लिए कार्यवाही शुरू करेगा। इसके लिए नगर निगम ने 10 टीमों का गठन कर दिया है जो घर-घर जाकर परिवार पहचानपत्र को प्रॉपर्टी आईडी से जोड़ेंगी।
नगर निगम करनाल के कर अधीक्षक गगनदीप सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने दो दिन पहले ही प्रॉपर्टी आईडी को परिवार पहचानपत्र से लिंक करने का आदेश दिया है। जिस पर कार्यवाही शुरू कर दी है। निगमायुक्त नरेश नरवाल के आदेश पर निगम ने 10 टीमों का गठन किया है, जो घर-घर जाकर प्रॉपर्टी आईडी को पीपीपी से जोड़ेंगी। इधर, नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार एक दशक से करनाल शहरी क्षेत्र में 1.41 लाख संपत्ति आईडी हैं। इन पर ही लोग अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स दे रहे हैं। निगम का करीब 242 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स संपत्तिधारकों पर बकाया है लेकिन यॉशी कंपनी से कराए गए नए संपत्ति सर्वे के मुताबिक 1.62 लाख संपत्तियां हो गई हैं, इन सभी को पुर्नमूल्यांकन (रि-असिस्मेंट) नोटिस दिए जा चुके हैं। इन नई प्रॉपर्टी आईडी को ही फेमिली आईडी से लिंक किया जाएगा, क्योंकि एक अप्रैल 2022 से नई प्रॉपर्टी आईडी लागू हो जाएंगी। हालांकि सिर्फ दस टीमें आखिर 1.62 लाख नई प्रॉपर्टी आईडी को कब तक फेमिली आईडी से लिंक कर पाएंगी यह तो समय ही बताएगा।
नई प्रॉपर्टी आईडी में भारी त्रुटियां
याशी कंपनी द्वारा किए गए सर्वे में नई प्रॉपर्टी आईडी के जो रि-असिस्मेंट नोटिस दिए गए हैं, उनमें भारी गड़बड़ियां हैं। अब उन्हीं नई आईडी को फेमिली आईडी से लिंक किया जाएगा। इस पर कर अधीक्षक ने बताया कि इसका कोई प्रभाव फेमिली आईडी से लिंक होने के कार्य पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि फेमिली आईडी से सिर्फ नई प्रॉपर्टी आईडी का नंबर लिंक किया जाएगा। यदि नई आईडी में त्रुटिया हैं, तो उसे बाद में दुरुस्त कराया जा सकता है, क्योंकि आईडी के नाम या क्षेत्र में ही कोई न कोई त्रुटि हो सकती है, नंबर तो वही रहने वाला है।
आज शुरू होगा बड़े बकायेदारों की संपत्ति सील करने का अभियान
नगर निगम दस लाख से बड़े बकायेदारों की प्रॉपर्टी को सील करने के लिए भी सोमवार से अभियान शुरू करेगा। निगमायुक्त नरेश नरवाल के आदेश पर पहले से ही एक लाख से बड़े 2166 बकायेदारों को नोटिस जारी किया गया था। साथ ही 10 लाख से बड़े 165 बकायेदारों को नोटिस जारी करके बकाया राशि जमा करने को सात दिन का समय दिया था लेकिन बकायेदारों ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। इस पर दो अलग-अलग टीमें गठित करके सोमवार से 10 लाख से बड़े बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जाएगी।