माई सिटी रिपोर्टर
घरौंडा/तरावड़ी। पंजाब में विधानसभा चुनाव में हार के बाद भाकियू चढ़ूनी के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि उन्होंने तो राजनीति में एक विकल्प दिया था लेकिन अब कोई न समझे तो क्या किया जाए। जनता के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब चुनाव की समीक्षा के बाद आगामी रणनीति तैयार करेंगे। जिनकी जीत हुई वे बधाई के पात्र हैं।
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी रविवार को नई अनाज मंडी स्थित किसान भवन में बसताड़ा टोल कमेटी की ओर से आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में पहुंचे थे। चढूनी लखीमपुर खीरी के लोगों से खासे नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि वहां पांच लोगों की जान चली गई इसके बावजूद वहां के लोगों ने सभी आठ सीटें भाजपा को दे दीं। उन्होंने कहा कि कोई गलत फहमी में न रहे कि हम लड़ नहीं सकते। उनमें लड़ने की क्षमता है और वे किसानों के हकों के लिए लड़ते रहेंगे लेकिन कानून, सत्ता में बैठे लोग ही बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि वे पंजाब में बदलाव के हक में थे और बदलाव हुआ भी है। पंजाब की जनता ने बदलाव चाहा था, वह बदलाव हुआ है, चाहे सत्ता में कोई भी आया हो। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर द्वारा किसानों के दबाव में पीछे हटकर दोबारा आगे बढ़ने वाले बयान पर चढूनी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर जो भी कदम आगे बढ़ाएंगे उस कदम का विरोध किया जाएगा। गुरनाम सिंह तरावड़ी स्थित एक गुरुद्वारे में किसान पंचायत में भी शामिल हुए। यहां उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी के किसानों को न्याय दिलाने के लिए आवाज बुलंद की है। शीघ्र ही इसके लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा। मौके पर मंजील लालर आदि कई किसान नेता शामिल रहे।