करनाल। अपने हाथों में लाल चूड़ा पहनी बदहवास नवविवाहिता परविंद्र कौर अपने पति जितेंद्र को तलाश रही थी। वह अपनी कार से उतरकर हादसे में क्षतिग्रस्त कार के अंदर पति को देखने लगी। जब उसे पता चला कि अब उसका पति जितेंद्र दुनिया में नहीं है तो रो रोकर बेसुध होने लगी। यह मंजर देख वहां मौजूद ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। गांव सालवन के समीप हुए इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही नवविवाहिता परविंद्र तुरंत परिवार के साथ घटना स्थल पर पहुंची थी।
एक तरफ पति की मौत हो गई, वहीं, भाई गौतम भी इस दुनिया से चला गया। इस घटना से उसकी जैसे दुनिया ही उजड़ गई। जैसे-जैसे परिजनों व रिश्तेदारों को हादसे की सूचना मिलती रही वे घटना स्थल और अस्पताल पहुंचने लगे।
दिल्ली के उत्तम नगर निवासी जितेंद्र की 27 मार्च को पानीपत की विकास कॉलोनी निवासी परविंद्र कौर के साथ शादी हुई थी। इस शादी को लेकर जितेंद्र ने कई सपने देखे थे। उन्होंने नए जीवन की शुरूआत ही की थी कि हादसे में वह दुनिया ही छोड़ कर चला गया।
छह माह के मासूम को छोड़कर चला गया
मृतक गौतम की शादी चार साल पहले हुई थी। लंबे समय बाद उसे पुत्र की प्राप्ति हुई थी। बेटे को वह पापा कहते नहीं सुन पाया। पहले ही वह अपने छह माह के मासूम को छोड़कर चला गया। उसकी पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है।
मौके पर एकत्रित हो गए ग्रामीण
ट्रक और कार की टक्कर के दौरान धमाके की आवाज आई। इस दौरान अन्य वाहन चालकों के साथ ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे तो देखा कि कार में सवार चारों युवक अंदर फंसे थे। इस दौरान एक ग्रामीण जेसीबी लेकर आया और कार की छत उखाड़कर चारों युवकों को बाहर निकाला लेकिन तब तक ड्राइवर और उसके बेटे ने दम तोड़ दिया था। पीछे बैठे दो घायल युवकों को अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हाेंने भी दम तोड़ दिया।