माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शुगर मिल के फील्ड सुपरवाइजर और उनकी पत्नी पर मकान और लाखों रुपये हड़पने व झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगा है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी किराए के जिस मकान में रहते थे, उसी के मालिक का उन्होंने पुराने संबंधों के चलते फायदा उठाया है।
एसपी को दी शिकायत में पृथ्वी विहार निवासी कंवर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी की 2015 में मृत्यु हो गई थी। उसके बाद उन्होंने क्षेत्र की विधवा महिला सविता के साथ दूसरी शादी कर ली थी। उनके 75 वर्ग गज के घर में शुगर मिल के फील्ड सुपरवाइजर ऋषिपाल और सुदेश रानी किराए पर रह रहे थे। सुदेश सविता के पूर्व पति की मुंहबोली बहन थी, इसलिए उनके बीच घनिष्ठता भी थी। कुछ समय बाद आरोपी सुदेश रानी और उसके पति ऋषिपाल ने कंवर सिंह से उन्हें घर बेचने का अनुरोध किया। 14 लाख रुपये मकान की कीमत तय हुई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने होम लोन के लिए संपर्क किया और बैंक से 11 लाख रुपये का लोन हो गया। उन्होंने बाकी 3 लाख रुपये कुछ समय बाद देने की बात कही। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कंवर सिंह ने मकान की रजिस्टरी 11 जुलाई 2018 को आरोपी सुदेश रानी के पक्ष में करवा दी। बैंक से 11 लाख रुपये चेक के माध्यम से मिले। शेष तीन लाख रुपये 15 मार्च 2019 तक देने का शपथ पत्र भी उन्होंने दिया।
रजिस्टरी के तुरंत बाद आरोपी ऋषि पाल पर शुगर मिल में किसानों के गन्ने का भुगतान का पैसा हड़पने का मामला सामने आया, कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसे तत्काल विभिन्न लोगों एवं किसानों को करीब 4 लाख रुपये का भुगतान करना था। 10 अगस्त 2018 को 4 लाख रुपये उन्होंने कंवर सिंह से लिए। बार-बार मांगने के बाद भी जब आरोपी पैसे नहीं दे पाए तो उन्होंने कंवर सिंह को 12 लाख रुपये में घर वापस खरीद को कहा और अपने सात लाख रुपये रखकर बकाया पांच लाख रुपये का उन्हें भुगतान करने को कहा। 8 से 10 महीने में बैंक का लोन भरने के बाद वे रजिस्टरी करा देंगे। इस पर कंवर सिंह ने कहा कि 7 लाख रुपये का बयाना कर लें और बकाया पांच लाख रुपये रजिस्टरी के समय ले लें। लेकिन आरोपियों ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की शादी करनी है, इसलिए पैसा अभी चाहिए और वे एक साल के अंदर लोन भर कर रजिस्टरी करा देंगे।
इसके बाद आरोपी सुदेश रानी ने 20 फरवरी 2020 को कंवर सिंह के पक्ष में मकान का पूर्ण भुगतान अनुबंध बारह लाख रुपये में कर दिया और 30 दिसंबर 2020 तक बैंक का ऋण उतार कर रजिस्ट्री कराने का समय दिया। लेकिन जून 2021 तक ऐसा कुछ नहीं किया गया।
दूसरे बैंक से लिया 12 लाख का लोन
कंवर सिंह ने आरोपियों पर कोर्ट में केस करने के लिए मकान की जमाबंदी निकलवाई और अन्य कागज एकत्रित किए तो पता चला कि आरोपियों ने उन्हें धोखे में रखकर मकान पर दोबारा दूसरे बैंक से 12 लाख रुपये का लोन दिसंबर 2020 में ही लिया है, जबकि वे बहाने बना रहे थे। जब उन्होंने इस बारे में पूछा तो उन्होंने उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।