घरौंडा (करनाल)। रायपुर जाटान गांव के मृतक किसान सुशील काजल के परिवार को 25 लाख मुआवजे के बाद उसके बेटे व पुत्रवधू को चीनी मिल में नौकरी मिल गई है। दोनों ने सोमवार को ज्वाइन कर लिया। यह पुष्टि भाकियू प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य जगदीप सिंह औलख ने की है।
28 अगस्त को बसताड़ा टोल पर हुए लाठीचार्ज की घटना के बाद 29 अगस्त को रायपुर जाटान निवासी किसान सुशील काजल की गांव में ही मृत्यु हो गई थी। किसानों ने उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग सरकार से की थी। सरकार ने किसानों के विरोध के बाद परिवार के दो सदस्यों को स्वीकृत डीसी रेट की नौकरी देने की बात मान ली थी। सुशील काजल के परिवार को 25 लाख रुपये आर्थिक मदद मिल चुकी है।
किसान नेता जगदीप औलख ने बताया कि सुशील के पुत्र साहिल व उसकी पत्नी ऋतु ने सोमवार को शुगर मिल में नौकरी ज्वाइन कर ली है। साहिल की उम्र 24 वर्ष है। उसने पंडित चिरंजीलाल राजकीय कॉलेज करनाल से एमए इतिहास की पढ़ाई की है। उसकी पत्नी ऋतु ने भी करनाल के डीएवी महिला महाविद्यालय से बीकॉम की है।