कृषि विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) करनाल, हरियाणा को देश में पहली रैंक मिली है। वर्ष 2020 में की गई वार्षिक गतिविधियों के आधार पर संस्थान को यह रैंकिंग हासिल हुई है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की ओर से वर्ष 2020 की रैंकिंग सूची जारी की गई है। इस सूची में देश के 64 कृषि विश्वविद्यालयों के नाम हैं। इसमें हरियाणा के तीन विश्वविद्यालय शामिल हैं। करनाल एनडीआरआई के अतिरिक्त हिसार के दो संस्थानों के नाम भी इसमें शामिल हैं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार को देश में 9वीं और लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार को 33वीं रैंकिंग मिली है।
एनडीआरआई के प्रवक्ता अजय डांग ने बताया कि परिषद के अधीन ही सभी विश्वविद्यालय एवं संस्थान कार्य कर रहे हैं। रैंकिंग के लिए सभी संस्थानों से परिषद की ओर से आवेदन मांगे जाते हैं, जिसमें कितने विद्यार्थी संस्थान में पढ़कर गए। रोजगार कितने लोगों को मिला, किसानों एवं उद्योगों के लिए कितना कार्य किया।
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इसके अतिरिक्त विदेशों में कितनी टेक्नोलॉजी भेजी, इसकी भी जानकारी दी जाती है। एनडीआरआई में तीन श्रेणी अकादमी, शोध और एक्सटेंशन की गतिविधियां होती हैं। अकादमी की श्रेणी में बीटेक, एमटेक और पीएचडी कराई जाती है। शोध में 14 डिवीजन केंद्रों में कार्य किया जाता है। इसके बाद एक्सटेंशन की श्रेणी में किसानों और उद्योगों के लिए वर्ष भर गतिविधियां आयोजित होती हैं।
लगातार पांचवीं बार देश में नंबर-1 रैंक गर्व की बात
एनडीआरआई 1923 से डेयरी अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है। आईसीएआर की ओर से हर साल जारी होने वाली रैंकिंग में संस्थान को पिछले पांच साल से नंबर-1 रैंक मिल रही है। संस्थान के निदेशक एमएस चौहान ने बताया कि पांचवीं बार भी नंबर-1 रैंक मिलना गर्व की बात है। दिल्ली आईसीएआर मुख्यालय की ओर से हर साल रैंकिंग जारी करने के लिए आवेदन मांगे जाते हैं। इसमें संस्थानों की ओर से किए गए कार्यों के आधार पर ही रैंकिंग जारी होती है।