माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। धान की खरीद रविवार को भी जारी रही। एक दिन में रविवार को 361730 क्विंटल धान खरीदा गया। पूरे जिले में अब तक 2673400 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। जिसका भुगतान 500 करोड़ रुपये से अधिक है। जो कि अभी तक किसानों के खातों में नहीं पहुंचा है। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने किसानों को भुगतान में हो रही देरी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि यदि सरकार 72 घंटे के अंदर भुगतान नहीं करती है तो उसे ब्याज सहित भुगतान करना चाहिए। हालांकि खरीद एजेंसियों का दावा है कि किसानों को भुगतान शुरू कर दिया गया है। डीएफएससी ने बताया कि भुगतान सोमवार से शुरू कर दिया जाएगा।
सरकारी धान खरीद शुरू हुए रविवार को एक हफ्ता हो गया है। शुरुआती तीन दिनों तक तो राइस मिलर्स के नहीं आने के कारण खरीद नाममात्र हो सकी थी लेकिन अब धान की खरीद रफ्तार पकड़ रही है। रविवार को जिलेभर की अनाज मंडियों में 361730 क्विंटल खरीद की गई। जिसमें करनाल अनाज मंडी ने धान खरीद के मामले में सबको पीछे छोड़ते हुए रविवार को एक दिन में एक लाख क्विंटल से अधिक खरीद करते हुए अब 564030 क्विंटल की खरीद कर ली है।
जिलेभर की सभी मंडियों में अब तक खाद्य विभाग ने 1582430 क्विंटल, हैफेड ने 597080 व एचडब्ल्यूसी ने 463890 क्विंटल धान खरीदा है। जिसकी भुगतान करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक है। जो अभी तक किसानों के खातों में नहीं पहुंचा है। जबकि हरियाणा सरकार ने वादा किया है कि धान खरीदने के 72 घंटे के अंदर किसानों के खाते में भुगतान पहुंच जाएगा। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान अब आढ़तियों के प्रतिष्ठानों पर चक्कर लगा रहे हैं। आढ़ती कहते हैं कि अभी सरकार ने भुगतान नहीं दिया है तो वह कहां से दें।
-हरियाणा सरकार ने वादा किया था कि वह धान खरीदने के 72 घंटे के अंदर किसान को भुगतान कर देगी लेकिन खरीद शुरू हुए एक हफ्ता हो गया है। करीब पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक का बकाया हो चुका है, अभी तक किसानों को एक रुपया भी नहीं मिला है। सरकार को अब किसानों को ब्याज सहित भुगतान करना चाहिए।
- रजनीश चौधरी, चेयरमैन हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन।
- जिस एजेंसी ने धान खरीदा है, वह किसानों को उनके खातों में भुगतान करेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग भी भुगतान को तैयार है। संभवत: सोमवार से किसानों को भुगतान करना शुरू कर दिया जाएगा। धान खरीद अब निर्विघ्न तरीके से चल रही है।
-अशोक रावत, जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक करनाल
जो धान खरीदा गया है, उसका भुगतान करने का कार्य तो तीन दिन पहले से ही शुरू कर दिया गया है। भुगतान सीधे मुख्यालय से किया जा रहा है, इसलिए उनके पास यह डिटेल नहीं है कि कितना भुगतान कर दिया गया है।
अनिल अहलावत, जिला प्रबंधक हैफेड करनाल