फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूक्रेन में युद्ध के बीच शुरू हुई मेडिकल की क्लास, जगी आस

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

अंबाला। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अपने वतन लौटे मेडिकल के छात्रों में दोबारा डॉक्टर बनने की उम्मीद जगी है। यूक्रेन के कई विवि में जहां दोबारा से आनलाइन मेडिकल की पढ़ाई शुरू हुई है, वहीं युद्ध के दौरान भारत लौटे छात्र आनलाइन पढ़ाई के साथ स्थानीय अस्पतालों में संपर्क कर प्रैक्टिकल भी कर रहे हैं।
अंबाला छावनी के बब्याल स्थित आनंद नगर निवासी निकिता सैनी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद से अस्पतालों के डॉक्टरों के संपर्क में रहकर सर्जरी व मरीजों को उपचार देने से लेकर हर जानकारी जुटा रही हैं। उन्होंने बताया कि वह यूक्रेन के इवानो शहर से एमबीबीएस कर रही हैं। पढ़ाई के लिए वे 2018 में गई थीं और चौथा साल चल रहा था। तभी युद्ध के कारण उन्हें वापस होना पड़ा, जबकि अभी दो साल की पढ़ाई बाकीहै। युद्ध शुरू होने के बाद अचानक वह बस के जरिए रोमानिया आईं और वहां से एयर इंडिया के जरिए इंडिया पहुंचे। पढ़ाई बंद होने के बाद डॉक्टर बनने का सपना टूटता नजर आ रहा था, लेकिन दोबारा पढ़ाई शुरू होने से एकबार फिर उम्मीद जगी है।
विज्ञापन

ये विश्वविद्यालय करवा रहे ऑनलाइन पढ़ाई
यूक्रेन से वापस लौटे मेडिकल छात्रों के अनुसार लवीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी, इवानो फ्रैकिव्स्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी, विनित्सिया नेशनल पिरोगोव मेडिकल यूनिवर्सिटी और बोगोमोलेट्स नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी ने एमबीबीएस की ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर दी है।
रोजाना 5 से 6 घंटे तक यूक्रेन के शिक्षक करवाते हैं पढ़ाई
निकिता सैनी ने बताया कि यूक्रेन के जो शहर सुरक्षित हैं, वहां पर पढ़ाई शुरू हो गई है। वे व्हाट्सएप के जरिए शिक्षक व यूनिवर्सिटी से संपर्क में है। रोजाना 5 से 6 घंटे तक उनकी ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। बता दें कि अंबाला के कई विद्यार्थी यूक्रेन के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन युद्ध शुरू होते ही उन्हें वापस इंडिया आना पड़ा।
विज्ञापन

जहां इलाका सुरक्षित वहां की यूनिवर्सिटी करा रही पढ़ाई
यूक्रेन से वापस लौटे कई मेडिकल छात्रों ने कहा कि यूक्रेन के जिस इलाके में युद्ध नहीं हो रहा है। वहां पर स्थित यूनिवर्सिटी ऑनलाइन पढ़ाई करवा रही हैं। कई बार नेटवर्क इश्यू आता है, तो क्लास को आगे के लिए बढ़ा दिया जाता है। वर्तमान में दिन में दो से तीन क्लास लग रही है। कोर्स न पिछड़े, इसलिए सोशल मीडिया के माध्यम से ग्रुप बनाकर मेडिकल छात्र अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें