करनाल। जमीन की अदला बदली में एक कनाल 11 मरले जमीन धोखे से ट्रांसफर न करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। कैरवाली निवासी सुरेश कुमार ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता रति राम की कुल 10 कनाल 16 मरले जमीन गांव में थी।
अमृतपुर कलां के शीशपाल, नारायण दत्त और सतपाल ने 26 फरवरी 2002 को उनके पिता व गांव के ही बनवारी के साथ जमीन की अदला-बदली की थी। इसके लिए शपथ पत्र तीनों पक्षों में लिखा गया। उनके पिता निरक्षर थे, ऐसे में आरोपियों ने 10 कनाल 16 मरले भूमि जमाबंदी 1989-90 में देनी दर्शाई। भूमि तबादले के बाद उनके पिता खेती करते रहे जबकि उस भूमि में से 1 कनाल 11 मरले की मलकियती कभी भी आरोपियों की नहीं थी। ऐसे में पिता के निरक्षर होने का फायदा उठाकर 1 कनाल 11 मरले भूमि की मलकियती कम कर दी और अपने हिस्से की पूरी जमीन 10 कनाल 16 मरले अपने नाम करवा ली।
पिता की मृत्यु के बाद जमीन माता नारायणी देवी के नाम चली गई, वह भी अशिक्षित हैं। मां ने 23 जनवरी 2018 को जमीन उनके व उनके भाईयों के नाम कर दी। इस बात का उन्हें तब पता चला जब जमाबंदी की कापी विभाग से 24 जनवरी 2021 को ली। जिस पर पटवारी ने उन्हें बताया कि तबादले वाली जमीन में से 1 कनाल 11 मरले की मलकियती उनके नाम नहीं है, क्योंकि शीशपाल व उसके भाइयों ने जमीन घोखे से तबादले में दर्शा दी थी, जबकि उनका जमीन पर कोई भी मालिकाना अधिकार न था। ब्यूरो