इससे पहले सोमवार की सुबह करनाल में बारिश का अनुमान था, लेकिन भटके बादल निचली नमीयुक्त हवाओं के प्रभाव में आते ही कहीं और चले गए, जिससे बारिश नहीं हुई। दिनभर और मध्यरात्रि तक मौसम साफ रहने के बाद मंगलवार को तड़के बारिश शुरू हो गई। फिलहाल परिवर्तनशील मौसम के बाद आगामी एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे किसानों द्वारा गेहूं की कटाई जोरशोर से शुरू हो सकती है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विभागाध्यक्ष डॉ.मदन खीचड़ ने बताया कि इस समय बादलों के बिखराव की जो स्थिति बनी है, वह इससे पहले 2009 में दिखी थी। भूमध्य सागर से ईरान, ईराक, अफगानिस्तान आदि पश्चिम से आने वाली हवाएं नमी लेकर भारत पहुंची हैं, जिनसे ये स्थिति पैदा हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ मानसून जाने के बाद सक्रिय
18 व 19 मार्च को बारिश हुई, इसके बाद अप्रैल में भी बारिश हुई। जिसके कारण मार्च व अप्रैल के प्रथम सप्ताह का तापमान सामान्य से कम रहा, यानि इन दिनों 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रहना चाहिए था, लेकिन 29 से 30 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ है। दरअसल पश्चिमी विक्षोभ का मानसून के दौरान तो उतना असर नहीं दिखता, लेकिन मानसून जाने के बाद सक्रिय होते हैं। इस बार ये पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की ओर चले गए, हरियाणा में उतना प्रभाव नहीं रहा लेकिन कई जिलों में आंशिक प्रभाव दिखा है।