करनाल। मेरठ रोड नगला चौक स्थित सचदेवा फायर वर्क्स में हुए धमाके के पीछे जहां फैक्टरी संचालक के साथ-साथ जिला प्रशासन द्वारा भी लापरवाही बरती गई है, क्योंकि पटाखा फैक्टरी में धमाके की यह सात महीनों में दूसरी घटना है। इससे पहले 23 फरवरी को मूनक रोड घोघड़ीपुर के समीप श्रीफायर वर्क्स पटाखा फैक्टरी में भी जोरदार धमाका हुआ था। जिसमें चार कर्मचारियों की मौत भी हो गई थी। इस घटना में श्रीफायर वर्क्स पटाखा फैक्टरी के मालिक सुंदर गुप्ता पर मधुबन थाना पुलिस ने मामला भी दर्ज किया है।
मामले में सुंदर गुप्ता को जमानत मिल गई थी। इतना ही नहीं इस मामले में डीसी निशांत कुमार ने अलग से एक कमेटी का गठन किया था। जिसमें यह पता करना था कि आग लगने के कारणों व फैक्टरी चलाने का सुंदर गुप्ता के पास लाइसेंस था कि नहीं इसकी जांच करनी थी। इससे अलग इस टीम को यह भी जांच करनी थी कि जिले में इस तरह की कितनी फैक्टरी चल रही हैं। जिला प्रशासन इस जांच को भूल गया। यही कारण है कि बिना सुरक्षा इंतजाम के नगला चौक पर पटाखा फैक्टरी चल रही थी और इस फैक्टरी में पड़े बारूद में धमाका हुआ और एक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया था। हालांकि अन्य कर्मचारियों का बचाव हो गया। यदि जिला प्रशासन की जांच टीम उस दौरान ही जांच कर इस तरह की फैक्टरियों को बंद करा देती या इन फैक्टरियों में सुरक्षा के इंतजाम का जायजा ले लेती तो शायद यह हादसा न होता।
दशहरा व दिवाली नजदीक, बनाए जा रहे पटाखे
अगल महीने दशहरा है और नवंबर के पहले सप्ताह में दिवाली है। ऐसे में पटाखे बनाने का कार्य जोरों पर चला हुआ है। घायल कर्मचारी शाहरुख भी फैक्टरी में धमाके से पहले फुलझड़ी बना रहा था। इसी दौरान धमाका हुआ, क्योंकि उसके आसपास बारूद पड़ा था। यदि अब भी जिला प्रशासन ने गहनता से जांच नहीं कराई और जिले में अन्य जगहों पर चल रही इस तरह की पटाखा फैक्टरियों की जांच नहीं की तो आने वाले समय में ऐसा हादसा दोबारा हो सकता है। जिला प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना होगा।
यहां भी हो चुके हादसे
पिछले साल कुंजपुरा की पटाखा फैक्टरी में आग लगने से एक मजदूर की मौत हुई थी। इस दौरान भी जिला प्रशासन ने गहनता से जांच नहीं कराई। वहीं करीब दो वर्ष पहले शिव कॉलोनी क्षेत्र में पोटाश कूटते वक्त धमाका होने से एक बच्चे की मौत हो गई थी, क्योंकि बाजार में पोटाश खुले में बिकता है। फिर भी प्रशासन ने सख्ती नहीं की।
पटाखा फैक्टरी में धमाका होने की सूचना उन्हें सुबह करीब 9:20 पर मिली थी। दो गाड़ियों मौके पर गई थी और वहां आग पर काबू पा लिया था। इस हादसे में एक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया था उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया था। इस फैक्टरी पर दमकल विभाग की कोई एनओसी नहीं है।
रामपाल, अग्निशमन अधिकारी करनाल