रायपुर जाटान के किसान सुशील काजल की मौत लाठीचार्ज से होने की बात कहते हुए किसानों ने एसडीएम आयुष सिन्हा और एक पुलिस इंस्पेक्टर को आरोपी ठहराया। साथ ही हत्या का केस दर्ज करने और उनकी बर्खास्तगी की मांग उठाई। इस दौरान किसानों ने घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण को भी सुधरने की चेतावनी देते हुए कहा कि किसान अगर अपनी पर आ गए तो उन्हें छिपने की भी जगह नहीं मिलेगी।
किसान लाठीचार्ज से घबराने वाले नहीं: चढूनी
करीब तीन बजे तक चली महापंचायत के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने मंचासीन पदाधिकारियों के साथ गुफ्तगू व सुझावों के आधार पर तीन फैसले किए, जिसे उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में बताया। यह भी कहा कि वह लाठीचार्ज से घबराने वाले नहीं हैं और भाजपा नेताओं, मंत्रियों का विरोध लगातार जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री फिर करनाल आएंगे तो फिर विरोध किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला मंगलवार को शाहाबाद आ रहे हैं, उनका भी पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा। उन्होंने पांच सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान रैली में भी किसानों को पहुंचने का न्योता दिया।