नागरिक अस्पताल की दो अल्ट्रासाउंड मशीन व सीटी स्कैन मशीन को सीएमओ के आदेश पर सील कर दिया गया है। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने इन अल्ट्रासाउंड मशीनों व सीटी स्कैन मशीन का दोबारा पंजीकरण ही नहीं कराया हुआ था। बिना पंजीकरण के ही यह मशीनें चल रही थी। सीएमओ ने पहले नोटिस दिया और फिर इन मशीनों को सील कर दिया।
सीएमओ डॉ. योगेश शर्मा ने नियम अनुसार कार्रवाई कर यह साफ कर दिया है नियम सभी के लिए हैं लेकिन वहीं नागरिक अस्पताल प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ेगा। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होगी। अभी यह भी साफ नहीं है कि ये मशीनें कितने दिनों में दोबारा चलेगी। सीएमओ के अनुसार पीएनडीटी एक्ट के अनुसार हर पांच साल में अल्ट्रासाउंड मशीन, सीटी स्कैन मशीन का पंजीकरण कराना होता है। पंजीकरण कराने के बाद ही उन मशीनों को चलाया जा सकता है लेकिन नागरिक अस्पताल की इन दोनों अल्ट्रासाउंड मशीन व सिटी स्कैन मशीन का समय पर पंजीकरण ही नहीं कराया गया।
रोजाना होते हैं 40 के करीब अल्ट्रासाउंड
नागरिक अस्पताल में दो हजार के करीब ओपीडी होती है। ऐसे में करीब 20 गर्भवती महिलाओं के हर रोज अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं हालांकि अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गर्भवती महिलाएं लंबे समय से संघर्ष करती आ रही है। क्योंकि उन महिलाओं को सुबह जल्दी आना होता है ताकि उनका समय पर अल्ट्रासाउंड हो सके। कई महिलाओं के परिजन को रात को ही अस्पताल में सोते हैं और अल सुबह लाइन में लग जाते हैं। इसी तरह हर रोज करीब 40 अल्ट्रासाउंड नागरिक अस्पताल में होते हैं तो वहीं करीब 10 सिटी स्कैन भी होते हैं।
मेडिकल कॉलेज में लगेगी लंबी लाइन
नागरिक अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील होने के बाद अब मरीजों व गर्भवती महिलाओं को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में जाकर ही अल्ट्रासाउंड कराना होगा या फिर प्राइवेट कराना होगा क्योंकि मेडिकल कॉलेज में भी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गर्भवती महिलों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में अब वहां पर अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों की संख्या दो गुणा हो जाएगी।
ये बोले जिम्मेदार
हमारे दो रेडियोलॉजिस्ट बीमार चल रहे हैं। इस कारण मशीनों का पंजीकरण नहीं करा पाए। सीएमओ की ओर से 19 जनवरी को 15 दिन का नोटिस दिया गया था तो 21 जनवरी को सभी दस्तावेज सीएमओ कार्यालय में भेजे गए है लेकिन 15 दिन से पहले ही मशीनों को बंद कर दिया गया है। अब ये मशीनें कब शुरू होंगी यह सीएमओ ही बता पाएंगे।
- डॉ. पीयूष शर्मा, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, करनाल।
पीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन मशीन का पंजीकरण कराना था। हर पांच साल में रजिस्ट्रेशन होता है। इस कारण नागरिक अस्पताल की दो अल्ट्रासाउंड मशीनों और एक सिटी स्कैन मशीन को बंद किया गया है। अब सोमवार को बैठक ली जाएगी। - डॉ. योगेश शर्मा, सीएमओ, करनाल।