करनाल। प्रदेश सरकार की ओर से राजकीय स्कूलों में पढ़ रही दिव्यांग छात्राओं को भत्ता दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से एमआईएस पोर्टल पर दिव्यांग छात्राओं का ब्योरा मांगा गया है। भत्ते की ये राशि विभाग की ओर से चयनित छात्राओं के बैंक खाते में आएगी। हालांकि भत्ता राशि कितनी होगी ये स्पष्ट नहीं है। स्कूलों को कक्षा पहली से 12वीं तक की सभी दिव्यांग छात्राओं का विवरण देना है।
इस संबंध में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से सभी जिला परियोजना समन्वयक को स्कूलों से डाटा लेकर पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार भत्ते की योजना को पीएफएमएस पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा। इस पोर्टल पर मुख्यालय के अधिकारी नजर रखते हैं। ये पोर्टल सीधे मुख्यालय से जुड़ा है। एमआईएस पोर्टल पर पर दिव्यांग छात्राओं का डाटा भरने से पहले दिए मानक को पूरा करना होगा। आदेश के अनुसार जो छात्राएं स्कूल में पंजीकृत हैं, उन्हें ही इसमें शामिल किया जाए।
ऐसे दर्ज होगा विवरण
एमआईएस पोर्टल पर स्कूल को लॉग इन करना है। ओपन होने पर इसमें स्टूडेंट एनरोलमेंट का विकल्प मिलेगा। इसको दो भागों में विभाजित किया गया है। पहल भाग कक्षा एक से आठ और दूसरा 9वीं से 12वीं तक का रखा गया है। इस पेज पर दो योजनाएं दी गईं हैं, समग्र शिक्षा पर जानकारी दी जानी है। समग्र शिक्षा में जाकर कक्षा के साथ सेक्शन चुनना है। इस पेज पर सर्च का विकल्प है। यहां विद्यार्थियों के नाम की सूची दिखाई देगी। इस पेज पर प्रविष्टी करने के बाद दी गई जानकारी सेव हो जाएगी। यहां दिव्यांग का प्रमाण-पत्र भी अपलोड करना है। नेम के साथ समरी रिपोर्ट देनी होगी। दिए फॉर्मेट में डाटा एंट्री के बाद मुख्यालय के दिए लिंक पर अपलोड करनी है।
वर्जन-
भत्ता राशि सीधे बैंक खाते में जारी की जाएगी। विभाग का ये अच्छा प्रयास है। अभी फिलहाल दिव्यांग छात्राओं को डाटा मांगा गया है। -रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी