संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। यमुना क्षेत्र के ग्रामीणों ने यमुना नदी के साथ-साथ हाईवे बनाने की मांग फिर उठाई है। लालूपुरा गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर दिल्ली से हिमाचल तक हाईवे बनाने की मांग की है। ग्रामीणों का तर्क है कि यमुना नदी के साथ हाईवे बनाने की मांग काफी वर्षों से कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग पर केंद्र सरकार ने कोई योजना तैयार नहीं की। यदि सरकार हाईवे का निर्माण करती है तो आने वाले समय में यमुना क्षेत्र की कायापलट हो जाएगी।
घरौंडा विधानसभा क्षेत्र के यमुना क्षेत्र से सटे करीब 30 गांवों के ग्रामीण इस क्षेत्र में हाईवे बनाने की मांग 50 वर्षों से उठा रहे हैं। हालांकि दिल्ली से हिमाचल तक बनने वाले वाले रास्ते का काफी हिस्सा कच्चा है। सोनीपत, पानीपत, करनाल व यमुनानगर तक कच्चा रास्ता बना है। यमुना के साथ हाईवे का निर्माण होने से क्षेत्र का विकास तो होगा ही साथ में रोजगार के साधन विकसित होंगे।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यमुना क्षेत्र में जितना विकास होना चाहिए उतना अभी तक नहीं हुआ। बारिश के मौसम में कई बार बांध टूट जाते हैं। जिससे भारी नुकसान सहना पड़ता है। प्रशासनिक अधिकारी बार-बार तट मजबूत करने का दावा करते हैं, लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाती। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यमुना क्षेत्र में बेरोजगारी काफी है। अगर हाईवे का निर्माण होता है तो लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के कार्यकाल में शुरू हुई थी कार्यवाही
गांव लालूपुरा के पूर्व सरपंच विकास रावल ने बताया कि यमुना के साथ हाईवे बनाने के लिए लगभग 30 गांव के ग्रामीण पिछले 50 सालों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी कोई कार्यवाही नहीं हुई। एक बार पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल ने अपने कार्यकाल में यमुना नदी पर हाईवे का निर्माण करने की बात मानी थी तथा कागजी कार्यवाही शुरू की थी, लेकिन योजना कागजों में दब कर रह गई। उन्होंने कहा कि कई बार राजनीतिक दलों के नेताओं के सामने समस्या रख चुके हैं।
बांध होंगे मजबूत
पूर्व सरपंच कुलदीप ने बताया कि हाईवे बनने से यमुना के बांध मजबूत होंगे, क्योंकि बारिश के दिनों में बार-बार बांध टूट जाते हैं। जिससे किसानों को भारी नुकसान सहना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दिल्ली से हिमाचल तक हाईवे का निर्माण कर देना चाहिए।
पूर्व सरपंच गोपाल का कहना है कि दिल्ली से सोनीपत, पानीपत, करनाल व यमुनानगर तक कच्चे रास्ते का पहले ही निर्माण हो रहा है। सरकार इसको पक्का कर दे तो यमुना क्षेत्र में बाईपास बनकर तैयार होगा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से भी वाहनों की संख्या घट जाएगी।