हरियाणा के करनाल रिश्वत कांड मामले में हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने तीसरी बार शुक्रवार को डीटीपी विक्रम को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। दूसरी ओर मामले में जांच के लिए विजिलेंस टीम तहसीलदार राजबख्श को अलग-अलग जगहों पर ले जा रही है, ताकि रिश्वत की शेष राशि बरामद की जा सके। विजिलेंस टीम का कहना है कि डीटीपी और तहसीलदार से पूछताछ में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। यही कारण है कि जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है, हालांकि फिलहाल अधिकारी इस संबंध में कुछ बताने को तैयार नहीं हैं।
एसई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही छापामारी
करनाल। नगर निगम कार्यालय में रुपये लेते वीडियो वायरल होने के मामले में एसई दीपक किग्गर को सिविल लाइन थाना पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस का दावा है कि वह अलग-अलग जगहों पर छापामारी कर रही है, आरोपी दीपक किग्गर फरार बताए जा रहे हैं। इससे पहले एडीसी योगेश कुमार की ओर से वायरल वीडियो की जांच के बाद मामले में आरोपी एसई और उसके पीए के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। साथ ही आरोपी पीए को गिरफ्तार किया गया।
एडीसी योगेश कुमार ने बताया कि मामले में उन्होंने 32 वीडियो की जांच की है, जिसमें यह सामने आया कि 70-80 हजार रुपये एक दिन में वसूली की जाती है। इसमें से पीए अपना हिस्सा रखने के बाद शेष रकम एसई को सौंप देता है। वायरल वीडियो में जेई और ठेकेदार रुपये देते हुए नजर आ रहे हैं।
इस मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एसई दीपक किग्गर के पीए विकास को गिरफ्तार कर लिया है और पुलिस रिमांड पर पूछताछ के बाद उसे जेल भी भेज दिया है, लेकिन उससे पुलिस कोई बरामदगी नहीं कर पाई है।