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सीएम फ्लाइंग स्क्वायड का छापा, प्रतिबंध के बावजूद खुली मिली दो फैक्ट्रियां

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घरौंडा। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने प्रतिबंधित केमिकल बनाने वाली दो फैक्ट्रियों में छापा मारकर सैकड़ों लीटर फॉर्मलडिहाइड रसायन बरामद किया है। दोनों फैक्ट्रियां उन 34 में शामिल हैं, जिनको कोर्ट ने बंद करने के आदेश दे रखे हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की छापामारी के बाद प्रदूषण विभाग, बिजली निगम, पुलिस, एक्साइज विभाग की टीमें भी छानबीन के लिए पहुंची। ये फैक्ट्रियां गांव अलीपुर व पूंडरी इलाके में अवैध रूप से चलाई जा रही थी।
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अलीपुर स्थित जेआरएस कंपनी व पूंडरी गांव के पास बनी एएनएमआर केमिकल्स में प्रतिबंधित फॉर्मलडिहाइड रसायन बनाया जा रहा था। पर्यावरण नियमों के कारण एनजीटी ने इस केमिकल का निर्माण करने वाली 34 फैक्ट्रियां बंद करने के आदेश दिए थे। एनजीटी के आदेशों के बावजूद दोनों फैक्ट्रियों में फॉर्मलडिहाइड बनाया जा रहा था। फैक्ट्रियों से मिले केमिकल की मात्रा और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
फर्जी तरीके से लिया फैक्टरी का बिजली कनेक्शन
कैमला-पूंडरी रोड स्थित एएनएमआर केमिकल फैक्टरी पर दो माह पूर्व भी प्रशासन ने छापामारी की थी। इस फैक्टरी को बंद करने के लिए इसका बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। फैक्टरी को अवैध तरीके से चलाने के लिए फैक्टरी मालिक ने बिजली कनेक्शन का जुगाड़ भी फर्जी तरीके से किया। छापे में खुलासा हुआ कि फैक्टरी के साथ लगते खाली मैदान में इंडस्ट्री के नाम से बिजली कनेक्शन लेकर सप्लाई एएनएमआर में दी गई थी। मौके पर बुलाए गए बिजली विभाग के लाइनमैन ने भी बताया कि उन्हें इस नए कनेक्शन देने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
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जेआरएस केमिकल में मिला हजारों लीटर केमिकल
अलीपुर स्थित जेआरएस केमिकल फैक्टरी में छापे के दौरान हजारों लीटर फॉर्मलडिहाइड रसायन मिला है। फैक्टरी में बने टैंक केमिकल से भरे पड़े हैं और करीब 32 टन फॉर्मलडिहाइड से भरा टैंकर बरामद हुआ है। कोर्ट के आदेशानुसार केमिकल निर्माण पर प्रतिबंध लगाया गया था वहीं फैक्ट्री मालिक का दावा है कि बीते दो महीने से प्लांट बंद पड़ा हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि प्लांट बंद होने के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में केमिकल कहां से आया है।
क्या है फॉर्मलडिहाइड केमिकल और इसका प्रयोग
फॉर्मलडिहाइड रसायन काफी संवेदनशील केमिकल है और यह इंसानी स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। इस केमिकल का प्रयोग प्लाईवुड इंडस्ट्री में किया जाता है। पर्यावरण पर होने वाले खतरे को देखते हुए एनजीटी ने इस केमिकल के निर्माण पर प्रतिबंध लगाया है।
प्रतिबंधित फैक्ट्रियों के चलने से प्रदूषण विभाग पर उठे सवाल
एनजीटी ने जिन फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश दे रखे हैं, उनके चलते मिलने से प्रदूषण नियंत्रण विभाग सवालों के घेरे में है। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की छापामारी के बाद मौके पर पहुंचे राज्य प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एसडीओ हार्दिक कुमार ने सिर्फ इतना ही कहा कि वे बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
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