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Karnal News: स्कूलों में दाखिला फार्म भरते ही मिल रही किताबें

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करनाल। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इस बार पढ़ाई में किताबों व पाठ्यक्रम को लेकर कोई दिक्कत नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग की ओर से इस बार दाखिलों से पहले ही पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए किताबें स्कूलों में पहुंचा दी गई हैं। ऐसे में जिस सरकारी स्कूल में विद्यार्थी दाखिले के लिए फार्म भरता है तो उसे तुरंत नई कक्षा में लगवाई जाने वाली किताबों का सेट स्कूल मुखिया की ओर से दिया जाता है।
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जानकारी के अनुसार समग्र शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र 2023-24 में राजकीय स्कूलों में पढ़ाई शुरू करने वाले नई विद्यार्थियों को किताबें देने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। शिक्षा विभाग ने सभी 779 राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के करीब 87 हजार विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है। समय पर किताबें मिलने से विद्यार्थी पाठ्यक्रम की तैयारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा परीक्षा से पहले प्राप्त कर सकेंगे। पिछले तीन साल में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों को किताबें दी जा रही है। जबकि हर बार सत्र के मध्य या अंत में ही किताबें स्कूलों में पहुंचती थी। विदित हो कि नवंबर माह में ही निदेशालय की ओर से किताबें एडवांस भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कक्षावार विद्यार्थियों का विवरण भी मांगा गया था।



विद्यार्थियों को दी जाती हैं मुफ्त किताबें

जिले में पहली से आठवीं कक्षा के तीन सौ से ज्यादा राजकीय स्कूल हैं, जिनमें 87 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। एपीसी अंजू और सचिन ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त किताबें उपलब्ध करवाई जाती हैं।
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दो साल नहीं मिली थी नई मुफ्त किताबें

कोरोना के चलते सत्र 2020-21 और सत्र 2021-22 के लिए विद्यार्थियों को नई मुफ्त पुस्तकें नहीं मिली थीं। विद्यार्थियों को पुरानी किताबों से ही काम चलाना पड़ रहा था। वहीं सत्र 2022-23 में भी आधा सत्र बीत जाने के बाद किताबें उपलब्ध हो पाईं। ऐसे में नए सत्र 2023-24 में विद्यार्थियों को किताबों के लिए परेशानी न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने एडवांस में तैयारी की।



वर्जन-

इस बार विद्यार्थियों को सत्र की शुरुआत में ही किताबें दी जाएंगी। सभी स्कूलों में किताबें पहुंचा दी गई हैं। स्कूल मुखिया को भी निर्देश दिए हैं कि दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को साथ के साथ ही किताबें दें। - वंदना परूथी, डीपीसी, समग्र शिक्षा
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