माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। धान खरीद शुरू होने में अभी समय है लेकिन इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर साल की तरह आढ़तियों ने भी अपनी मांगों के समर्थन में प्रदेश स्तरीय आंदोलन का एलान कर दिया है। जिसके पहले चक्र में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 11 मार्च सुबह 11 बजे एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद उपायुक्त को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
यूं तो हर साल धान या गेहूं की खरीद से पहले आढ़ती अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन करते हैं। जब गेहूं की खरीद शुरू होने वाली होती है तो वे हड़ताल की घोषणा कर देते हैं। इस बार भी ऐसा ही होने वाला है। जिसकी रूपरेखा मंगलवार को जींद जिले की जुलाना अनाज मंडी में हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी की प्रदेश प्रधान अशोक गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय की जा चुकी है।
एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बताया कि फसलों की खरीद, भुगतान व पूरी आढ़त के सिद्धांत पर आंदोलनात्मक रणनीति बनाई गई है। बैठक में तय आंदोलन के प्रथम चरण को लेकर सभी जिला प्रधानों को दिशा निर्देश भेज दिए हैं। 11 मार्च सुबह 11 बजे सभी जिलों में आढ़ती अपने-अपने जिला प्रधानों के नेतृत्व में लघु सचिवालय पर घंटे तक विरोध प्रदर्शन करेंगे फिर उपायुक्त को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे।
यह हैं प्रमुख मांगें
-किसानों की सभी फसलों को सरकार द्वारा एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से ही खरीदी जाए।
-आढ़तियों को फसलों की खरीद पर पूरी 2.5 प्रतिशत आढ़त दी जानी चाहिए।
-किसान की इच्छा से तय हो कि वह सीधे अपने खाते में या आढ़ती के माध्यम से भुगतान चाहता है।
-सीमांत किसानों की फसलों का ई-खरीद पोर्टल पर पंजीकृत करके उनकी फसल खरीदी जाए।
-वर्ष 2020 की तरह ही मार्केट फीस व विकास शुल्क को मिलाकर एक प्रतिशत कर लिया जाए।
-सीजन में गेहूं की ढुलाई का कार्य का ठेका संबंधित आढ़ती एसोसिएशन को प्राथमिकता के आधार दिया जाए।
-मार्केटिंग बोर्ड द्वारा मंडियों के लिए बनाए गए नियमों को व्यवहारिक बनाया जाना चाहिए।
-सभी लाइसेंस ऑनलाइन है, इसलिए एक लाइसेंस पूरे हरियाणा की सभी मंडियों में मान्य होना चाहिए।
-मार्केट कमेटी के लाइसेंस की अवधि जीएसटी की तरह असीमित होनी चाहिए।
- मार्केट कमेटी की लाइसेंस फीस एकमुश्त दो या तीन हजार रुपए होनी चाहिए।
-यदि कोई मंडी में दुकान निर्माण करने में असमर्थ रहता है तो उस पर भारी जुर्माना न लगाया जाए।
-मंडियों के अधिकृत नक्शे से अतिरिक्त पहली या दूसरी मंजिल के निर्माण को अधिकृत किया जाए।
-मंडियों में सभी दुकानों व बूथों में तीन-तीन या चार-चार लाइसेंस की इजाजत होनी चाहिए।
-मंडियों की दुकानों में आढ़त के अतिरिक्त अन्य व्यापार करने की भी इजाजत दी जाए।