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लाखों पूर्व एनसीसी कैडेट्स में फिर आएगा जोश, सेवा का जज्बा

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। प्रदेश में लाखों पूर्व एनसीसी कैडेट्स में एक बार फिर जोश भरेगा। बच्चे से बुजुर्ग तक सभी एक मंच पर आएंगे। जब वे नए कैडेट्स और एनसीसी अधिकारियों के संपर्क में आएंगे तो उनमें फिर से देश सेवा का जज्बा पैदा होगा। नंबर 7 हरियाणा बटालियन एनसीसी की ओर से एल्युमिनाई एसोसिएशन का गठन किया जा रहा है। इसमें आजादी के बाद पढ़ाई के दौरान जो भी विद्यार्थी एनसीसी कैडेट बना उन सभी को इसमें शामिल किया जाएगा।
एसोसिएशन में शामिल होने के बाद सभी कैडेट्स को एनसीसी व सेना की नई योजनाओं की जानकारी समय-समय पर मिलती रहेगी। इसके अलावा जो पूर्व कैडेट वर्तमान में सेना में हैं या सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके अनुभवों और सेवा कार्यों से नए कैडेट्स भी रूबरू होंगे। इसके अलावा नए कैडेट्स को सेना में भर्ती समेत एनसीसी कैडेट्स के लिए होने वाली परीक्षाओं और नौकरियों के तमाम अवसरों की समय पर जानकारी मिलती रहेगी।
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प्रदेश के सभी जिलों में 30 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों में एनसीसी यूनिट हैं। जहां हर साल दो हजार से ज्यादा विद्यार्थी कैडेट के रूप में जुड़ते हैं। कई कैडेट ए, बी और सी प्रमाणपत्र भी प्राप्त करते हैं, जो उनके सेना में जाने के सपने को पूरा करने में मददगार होते है। वहीं देश में एनसीसी की 720 बटालियन, 95 मुख्यालय और 17 निदेशालयों से 15 लाख से ज्यादा कैडेट्स जुड़े हुए हैं। https:/nccauto.gov.in/alumni/register लिंक पर जाकर पूर्व कैडेट एसोसिएशन के सदस्य बन सकते हैं।
झांसी से हुई शुरुआत, पीएम बने पहले एल्युमिनाई
बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल नरेश आर्य ने बताया कि एसोसिएशन के गठन को लेकर गत वर्ष झांसी से शुरुआत हुई थी, जहां प्रधानमंत्री मोदी पहले और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दूसरे एल्युमिनाई के रूप में पंजीकरण कराया था। अब हरियाणा में भी एसोसिएशन का गठन किया जा रहा है। एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य सभी पूर्व एनसीसी कैडेट को एक मंच पर लाकर राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करना है।
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ग्रामीण युवाओं को भविष्य बनाने में मददगार होगी एसोसिएशन
वर्तमान में सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर एजेंट के रूप में पैसे ठगे जाते हैं। ऐसे कई मामले आए दिन सामने आते हैं। जबकि सेना में नौकरी के लिए किसी की सिफारिश और एजेंट की जरूरत नहीं होती। वहीं कई ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को सेना में भर्ती निकलने की जानकारी भी नहीं मिल पाती ऐसे में वे नौकरी के अवसर से छूट जाते हैं। कमांडिंग अफसर के अनुसार एसोसिएशन के संपर्क में आने से इन युवाओं को भी भविष्य बनाने में काफी मदद मिलेगी।
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