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फर्जी पासपोर्ट मामले में शिमला का एक और एजेंट गिरफ्तार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। फर्जी पासपोर्ट बनाने के मामले में पुलिस ने हिमाचल के शिमला का रहने वाला एक और एजेंट गिरफ्तार किया है। जिसे कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं पहले से रिमांड पर चल रहे पांच आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। फिलहाल मुख्य आरोपी महेश नारंग दस दिन के रिमांड चल रहा है, जिसे 15 फरवरी को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार आरोपी श्याम वालिया निवासी शिमला ने पटियाला के रहने वाले आरोपी जोरा सिंह से पासपोर्ट बनाने के लिए रुपये लिए थे और एक अन्य व्यक्ति से पासपोर्ट बनवाया था। पुलिस ने एक और आरोपी को हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से 16 आरोपियों को जेल भेज दिया है। चार आरोपी रिमांड पर चल रहे हैं। इससे अलग पुलिस की टीमें हिमाचल, दिल्ली, पंजाब में लगातार आरोपियों को पकड़ने के लिए छापामारी कर रही है।
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अब तक इन आरोपियों की हो चुकी गिरफ्तारी
पुलिस ने करनाल निवासी अमित खटकड़, दिल्ली निवासी महेश नारंग, अंबाला निवासी रमन उर्फ रवि, दिल्ली निवासी मनीष, पुलिस कर्मी नवीन, राजेश, करनाल निवासी विकास कांबोज, कैथल निवासी कपिल, गौरव, कुरुक्षेत्र निवासी अमरजीत, अब्दुल वहाब निवासी केरला, पटियाला निवासी जोरा, मोगा निवासी मंजीत, जालंधर निवासी सुनील लांबा, कैथल निवासी संदीप, कुरुक्षेत्र निवासी गौतम, अमृतसर निवासी आरोपी रोहित अरोड़ा, गुरदियान सिंह निवासी गांव मलौर जिला अंबाला, मनिंद्र उर्फ रूपिंद्र सिंह निवासी वीरेंद्र नगर नई दिल्ली, श्याम निवासी शिमला को गिरफ्तार कर लिया है।
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174297 पासपोर्ट की चार साल में हुई वेरिफिकेशन
पुलिस के अनुसार पिछले चार साल में एक लाख 74 हजार 297 पासपोर्ट की वेरिफिकेशन हुई है। इनमें 2017 में 32144, 2018 में 40554, 2019 में 42100, 2020 में 20496, 2021 में 36182 और 2022 में अभी तक 2821 पासपोर्ट की वेरिफिकेशन हुई है। इन सभी पासपोर्ट की दोबारा वेरिफिकेशन पुलिस ने शुरू कर दी है। जांच अधिकारी घर-घर जाकर वेरिफिकेशन कर रहे हैं।
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