माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में आए 1269 आवेदन रद्द कर दिए हैं। वहीं उपयोग नहीं होने पर 505.18 लाख रुपये सरकार ने वापस ले लिए हैं। हालांकि आवासों के लिए मिले 2886.58 लाख रुपये में से 2381.40 लाख रुपये आवास बनाने पर व्यय कर लिए गए हैं।
जिले में शहरी क्षेत्रों की संख्या सात है। इसमें करनाल के साथ-साथ तरावड़ी, नीलोखेड़ी, इंद्री, असंध, निसिंग और घरौंडा का नगरीय क्षेत्र शामिल है। जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों से 4511 लोगों ने आशियाना बनवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किए थे। इनमें से 4236 आवेदकों के आवेदनों को सही पाया गया था। 275 नाम-पते फर्जी निकले। 4077 की जियो टैगिंग की गई। 159 अब भी जियो टैगिंग प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें आवास मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। जियो टैगिंग में योजना से जुड़े कर्मचारी मौके पर जाकर उसका नाम-पता देखने के बाद मौके पर उसके पास उपलब्ध मकान, जमीन का फोटो खींचकर अपलोड करते हैं। जो 2186 लोगों को भवन बनवाना शुरू करने के लिए पत्र दिया गया है। भवन निर्माण के लिए सरकार से कुल 2886.58 लाख रुपये की धनराशि मिली थी। जिसमें 505.18 लाख रुपये बच गए। जिनका कोई उपयोग नहीं हो सका। परिणाम यह हुआ कि इस धनराशि को सरकार ने वापस मंगा लिया।
शहर में पक्के मकान में रहने का मेरा सपना प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हो गया है। मेरा मकान लगभग बन चुका है, तीसरी किस्त बाकी रह गई है, उससे मकान की फिनिशिंग कराई जाएगी। हालांकि अभी से ही मकान में रहना शुरू कर दिया है।
रीटा रानी, लाभार्थी मंगलपुर करनाल
लंबे समय से इच्छा थी कि शहर में मेरा भी आशियाना हो, लेकिन आर्थिक कमजोरी के कारण मकान नहीं बन पा रहा था लेकिन बाद में उसने प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किया तो थोड़ी देर तो लगी लेकिन उसका मकान अब बन चुका है। थोड़ा बहुत कार्य बाकी हैं।
सुदेश, लाभार्थी मंगलपुुर करनाल