सीएम के दौरे को लेकर पुलिस-प्रशासन ने दर्जनों गाड़ियों को पुलिस लाइन मैदान में रोक लिया। सुबह से लेकर सायं करीब सात बजे तक इन वाहन चालकों को यहां रोका गया। दबी आवाज में कुछ चालकों ने रोष जताया।
इसके बाद सायं तक कई चालकों ने विरोध किया। इसके बाद चालकों को गाड़ियों सहित छोड़ दिया। चालकों ने कहा कि उन्हें सुबह से ही यहां बेवजह रोक लिया। बड़े ट्राले हों या पिक या अन्य गाड़ियां, जिसमें कई रेत आदि से भरे हुए थे। उन्हें पुलिस लाइन में रख लिया। ट्रक यूनियन कैथल की ओर से एक चालक ने कहा कि उनके वाहन बैरिकेडिंग के लिए नहीं हैं। वे रोजगार के लिए इन्हें चला रहे हैं। यदि वाहनों को सीएम के कार्यक्रम के दौरान किसानों व अन्य लोगों को रोकने के लिए प्रयोग किया जाए तो उन्हें पांच हजार रुपये का मानदेय दिया जाए। दोपहर के समय एक ट्राला चालक करीब डेढ़ टन केला लिए हुए था। जो अपनी व्यथा सुनाते हुए रोने लगा। इसके बाद सभी चालकों ने पुलिस कर्मचारी से प्रार्थना की तो उसे लुधियाना जाने के लिए छोड़ दिया गया। इसके बाद सायं के समय प्रशासन ने सीएम का कार्यक्रम रद्द होने के बाद सभी वाहन चालकों को छोड़ दिया। वहीं ट्राफिक पुलिस प्रभारी ने कहा कि यहां चालकों व परिचालकों को केले, समोसे, खाना दिया गया। रात को रुकते तो यहां रहने की जगह भी दी जाती। सभी को वाहनों सहित जाने दिया गया है।
इस संबंध में एसपी लोकेंद्र सिंह व डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि पीएम का कार्यक्रम हो या सीएम का। या अन्य कोई जरूरत पड़े, उस समय सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाए किए जाते हैं। चालकों को यहां रोकने के लिए हर संभव सुविधा खाने, पीने सहित जरूरत पड़ी तो रहने की भी जगह दी जाएगी।