सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस ने देर रात एक आरोपी सहित गिरफ्तार सभी छह आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश किया। तीन मुख्य आरोपियों को नौ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि तीन अन्य को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। इसके लिए कई जिलों में छापामारी की जा रही है।
पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान शनिवार को पांच युवकों को आंसर-की सहित गिरफ्तार किया गया था। इनमें संदीप और गौतम दोनों निवासी खापड़ और प्यौदा निवासी नवीन को एक कार से गिरफ्तार किया था। इसके बाद गांव थुआ निवासी रमेश और गांव किच्छाना निवासी राजेश को काबू किया गया था। इसके बाद देर रात गिरोह से जुड़े छठे सदस्य नरेंद्र निवासी हिसार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के बाद सभी छह आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से तीन आरोपी न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए, जबकि आरोपी रमेश, संदीप तथा नरेंद्र को व्यापक पूछताछ के लिए नौ दिन कीपुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसपी ने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि आंसर-की इस गिरोह के पास कहां से आई और किसने दी और कितने अभ्यर्थियों तक यह पहुंचाई गई थी।
पुलिस का बड़ा सवाल, कहां से और किसने किया पेपर लीक
गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद अब मुख्य आरोपी तक पहुंचना चुनौती
परीक्षा से एक दिन पहले ही पहुंच गई थी आरोपियों के पास आंसर-की
किसी से एडवांस में नकद भुगतान तो किसी से ले लिए थे चेक
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आंसर-की लीक गिरोह सदस्यों के पास एक दिन पहले ही आंसर-की पहुंच गई थी, जिसे आरोपियों ने रात को ही अनेकों लोगों के पास भेज दिया था। इसके लिए गिरोह सदस्यों ने अभ्यर्थियों से 12 से लेकर 15 लाख रुपये तक में सौदा किया था। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर पेपर लीक कहां से हुआ और किसने किया।
सूत्रों के अनुसार परीक्षा के अंदर आंसर की ले जाने या उत्तर याद करके जाने की जिम्मेदारी खुद उम्मीदवार की थी, जबकि गिरोह के सदस्यों की ओर से आंसर की उपलब्ध कराई गई थी। इस संबंध में पुलिस को भी सुबह से ही इनपुट मिलने शुरू हो गए थे और पुलिस परीक्षा शुरू होने से पहले ही आरोपियों की तलाश में थी।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य शुक्रवार की रात से ही अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से संपर्क कर सौदेबाजी में जुटे थे। आरोपियों ने परीक्षा देने वाले कुछ युवकों को व्हाटसएप के माध्यम से जबकि कुछ को व्यक्तिगत तौर पर मिलकर ऑंसर-की उपलब्ध करवाई थी। कुछ से एडवांस में रुपये लिए गए थे, जबकि अन्य से आंसर-की सही होने के बाद रकम लेने की बात हुई थी। यही नहीं कुछ युवकों से एडवांस में चेक भी लिए गए थे। गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर पुलिस परीक्षा का पेपर लीक किसने किया। एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि गिरोह से अन्य लोगों के भी जुड़े होने की संभावना है, उनकी भी शीघ्र ही गिरफ्तारी की जाएगी। इनके पास एक रात पहले ही आंसर-की आ गई थी और पुलिस ने तीन युवकों को परीक्षा शुरू होने से पहले ही आंसर-की के साथ गिरफ्तार भी कर लिया था।