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आस्था के केंद्र डेरों में लूट को नहीं रोक पा रही पुलिस

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कैथल। दो महीनों से लोगों की आस्था के केंद्र जिले के धार्मिक डेरों में लूट की वारदातों को पुलिस रोकने में नाकाम नजर आ रही है। एक बार फिर से एक ही तरीके से लुटेरों ने पुलिस की वर्दी में डकैती की वारदात को अंजाम दिया है। तीनों वारदातों में से अभी तक पुलिस ने एक भी बदमाश को गिरफ्तार नहीं किया है। महंतों का कहना है कि रात को 12 बजे के बाद डेरो में लूट की जा रही है। इतनी घटनाएं सामने आने के बाद भी पुलिस की रात के समय गश्त दिखाई नहीं दे रही है। डकैती व लूट की घटनाओं के बाद साधु संतों के माथे पर चिंता सता रही है। साधु समाज ने मांग कि है कि 12 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक पुलिस को गश्त शुरू होनी चाहिए।
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विदित रहे कि कैथल जिले में धार्मिक डेरों में यह तीसरी वारदात है। इससे पहले डेरा बाबा राजपुरी में 26 अप्रैल को महंत व सेवादार को बंधक बनाकर साढ़े आठ लाख रुपये व गांव कठवाड़ में 29 मार्च को बदमाशों ने 85 हजार रुपये व आभूषण चोरी किए थे। वहीं अब चीका कस्बा के गांव डंडौता में बदमाशों ने धार्मिक डेरे को निशाना बनाते हुए दो लाख रुपये के साथ चांदी के सिक्के व महंत की गले की चेन सहित अन्य सामान छीनकर फरार हो गए हैं।
होमगार्ड व पुलिस की वर्दी में घटनाओं को दे रहे है अंजाम
डेरे में लूटने वाले सभी बदमाश होमगार्ड व पुलिस की वर्दी में आ रहे हैं। इसके बाद डेरे के महंत व सेवादार को बंधक बना कर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। डेरो के सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी साथ लेकर फरार हो रहे है।
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जिलेभर में है लाखों करोड़ों की संपत्ति के डेरे
जिलेभर में 80 के करीब लाखों-करोड़ो रुपये की जमीन जायदाद वाले डेरे है। डेरा बाबा राजपुरी बात्ता, डेरा बाबा ठंडूनाथ कैलरम, डेरा बाबा पागल पीर खरक पांडवा, डेरा बाबा च्यवन ऋषि चौशाला, डेरा बाबा शीतलपुरी, पूंडरीक तीर्थ पूंडरी सहित अन्य नामी डेरे है।
एफएसएल टीम ने जुटाए तथ्य
चीका पुलिस थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि लूट की वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके का दौरा किया है। एफएसएल की टीम ने भी तथ्य जुटाए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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