टोक्यो पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद खिलाड़ी हरविंदर सिंह शनिवार की सुबह कैथल पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से ढांड रोड पर आयोजित कार्यक्रम में स्वयं डीसी प्रदीप दहिया ने अगुवाई करते हुए हरविंदर का सरकार और जिला प्रशासन की ओर से स्वागत किया। हरविंदर के गांव अजीतनगर तक जगह-जगह लोगों ने, खेल प्रेमियों ने हरविंदर का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया।
ढांड रोड पर स्थित प्राइवेट आईटीआई में स्वागत समारोह में डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि कैथल जिले के हरविंदर सिंह ने देश में पहला कांस्य पदक जीतकर जिला, प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है। मेहनत और जज्बे, एक लक्ष्य निर्धारित करके सफलता हासिल की जा सकती है और युवाओं को प्रेरणा लेकर खेलों में भी अपना स्थान बनाना चाहिए। डीसी ने हरविंदर सिंह को स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। डीसी कहा कि जिला कैथल के सपूत हरविंदर सिंह ने पैरालंपिक में पदक पूरी मेहनत से हासिल किया है। खेलों के साथ-साथ हरविंदर उच्च स्तरीय पढ़ाई भी कर रहे हैं, जोकि काफी सराहनीय है। उन्होंने हरविंदर के गुरुओं व परिजनों को नमन भी किया, जिनकी प्रेरणा से यह स्थान प्राप्त किया। हरियाणा सरकार की ओर से खेल नीति के तहत हरविंदर सिंह को अढ़ाई करोड़ रुपये व सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। इस मौके पर हरविंदर सिंह के कोच गौरव शर्मा ने भी कहा कि हरविंदर ने पूरी मेहनत की और जीत हासिल की। पढ़ाई के साथ-साथ इनकी रुचि खेल में रही है, जोकि इसके लिए काफी फायदेमंद रही।
वहीं हरविंदर सिंह ने कहा कि व्यक्ति को निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और पूरी मेहनत करनी चाहिए, तभी हम लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। इस सफलता में मेरे कोच व परिजनों का पूर्ण सहयोग रहा, जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाया।
बेटे की कामयाबी पर हरविंदर सिंह के पिता परमजीत सिंह ने कहा कि महज डेढ़ साल की उम्र में मेरे बेटे हरविंदर सिंह को बीमारी की वजह से दिव्यांगता आई, लेकिन इस मजबूत बच्चे ने अपनी इस कमजोरी को ताकत बनाकर आगे बढ़ना शुरू कर दिया। हरविंदर सिंह न केवल पढ़ाई लिखाई में मेधावी रहा है, बल्कि एकलव्य की तरह अपने लक्ष्य पर तीरंदाजी से निशाना साधने की ललक ने इनको एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया। इस अवसर पर नगराधीश अमित कुमार, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी सतविंद्र गिल, कार्यकारी अधिकारी हिमांशु लाटका, जसवंत सिंह, सुशील कुमार, कृष्ण गोयल, प्रवीण गोयल, विकास गोयल, जयप्रकाश गोयल, शीशपाल, अमृतलाल, डीसी ढुल, सतविंद्र सिंह, राकेश मौजूद, कोच गुरमीत, कोच सतनाम सिंह व कोच रीता रानी मौजूद रही। गांव खानपुर में भी सरपंच की अगुवाई में हरविंदर सिंह का जोरदार अभिनंदन किया गया। यहां लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।
टोक्यो पैरालंपिक में झंडा गाड़ कर आए हरविंदर का घर पहुंचने पर जोरदार अभिनंदन किया गया। चीका में खुली जीप में सवार हरविंदर सिंह का एक तरह से विजयी जुलूस निकाला गया। पहले शहीद उधम सिंह चौक पर पैरा ओलंपिक तीरंदाजी (आर्चरी) में कांस्य पदक विजेता हरविंदर सिंह धंजू का एसडीएम नवीन कुमार की अगुवाई में प्रशासन द्वारा स्वागत किया गया। साथ ही समाजसेवी संस्थाओं व राजनैतिक लोगों ने भी यहां फूल मालाएं पहनाकर हरविंदर का अभिनंदन किया। डीएसपी किशोरीलाल, तहसीलदार प्रदीप कुमार व नायब तहसीलदार विरेंद्र शर्मा, चीका थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जयवीर शर्मा सहित पुलिस दल बल के जवानों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर चीका पहुंचने पर स्वागत किया। वहीं शहीद उधम सिंह चौक पर पहुंच हरविंद्र ने शहीद की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण किया। हरविंदर सिंह ने कहा कि उनकी मां का ही सपना था कि उनका बेटा देश के लिए खेलकर देश का नाम रोशन करेगा। हरियाणा डेयरी विकास संघ के चेयरमैन रणधीर सिंह, पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर, नेकी का घर संस्था के प्रधान सागर भारद्वाज व संस्थापक सन्नी कालड़ा, जजपा युवा नेता भरत हरिगढ़, मास्टर सुरेंद्र सिंह, हरजिंदर कंबोज, केके आनंद, हरमेल सिंह ने भी बधाई दी।