Identification of more than 150 malnourished children in the district, the department is giving double the diet
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महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले में 150 से ज्यादा कुपोषित बच्चों की पहचान की है। अब कुपोषण का शिकार हुए बच्चों को इस स्थिति से उभारने के लिए विभाग दोगुनी डाइट दे रहा है। बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिये डाइट उपलब्ध करवाई जा रही है। बच्चों के दिए जाने वाले खाद्य पदार्थों में विशेषकर पंजीरी को शामिल किया गया है, जो विटामिन, कैल्शियम और अन्य तत्वों से भरपूर है। अधिकारियों का कहना है कि कुपोषण से बच्चों के बचाव के लिए विभाग ने यह कदम उठाया है।
हालांकि जिले के 1270 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषण युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, लेकिन जिन स्थानों पर कुपोषित बच्चे पाए गए हैं, उनके स्वास्थ्य को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को पंजीरी के साथ-साथ फोर्टीफाइड दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है, ताकि कम खाने में भी बच्चों को पूरा पोषण मिल सके, जितने की उनके शरीर को आवश्यकता है।
गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाओं को भी दी जा रही खुद की और बच्चों की देखभाल बारे जानकारी-विभाग की ओर से गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाओं को भी पोषण संबंधित जानकारी दी जा रही है। आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा महिलाओं को बताया कि जा रहा है कि किन चीजों को खाने से दोगुना पोषण शरीर को मिलता है। महिलाओं को बताया जा रहा है कि वे हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसम के अनुसार फल खाएं।
सीडीपीओ कमलेश गर्ग ने बताया कि कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विभाग की ओर से विशेष पोषण अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि इसके तहत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। बच्चों और महिलाओं को घर-घर जाकर जरूरी खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।