Demand for raising the minimum support price of wheat to Rs 3000
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भाकियू नेताओं ने कहा कि सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी को किसानों के साथ भद्दा मजाक करार दिया है। भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा ने कार्यकर्ताओं की मीटिंग में कहा कि इससे भाजपा का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है।
एक तरफ तो सरकार कह रही है कि हम किसानों की आय दोगुनी करने में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर डीजल, कीटनाशक दवाओं, डीएपी, यूरिया व बीज के दामों में आय दिन बेहताश वृद्धि करके किसानों की कमर तोड़ने का काम कर रही है। इससे तो किसानों की फसलों का लागत मूल्य निरंतर बढ़ता जा रहा है। जिससे देश का किसान प्रति वर्ष कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है और आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। पबनावा ने कहा कि भाजपा सरकार गेहूं के दाम में 40 रुपये की वृद्धि करके अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रही है। जिसका भाकियू पुरजोर विरोध करती है और सरकार से मांग करती है कि किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य कम से कम 3000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाए। जिससे देश के किसान को उसकी मेहनत का फल मिल सके।