DC reached the fields regarding the incidents of fire in the fields, FIR on five
- फोटो : Kaithal
डीसी प्रदीप दहिया ने प्रशासनिक अमले के साथ गांव कैलरम, दुमाड़ा, वजीर खेड़ा, बात्ता, चौसाला गांवों में फानों में लगी आग की घटनाओं का किया निरीक्षण, फानों में आग लगाने वाले लोगों को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि लोग फानों में आग न लगाएं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। अनेकों बीमारियां फैल जाती हैं। फानों में आग लगाने की घटनाएं मिलने पर कृषि विभाग द्वारा कैलरम में 3 एफआईआर दर्ज करवाई गईं और नायब तहसीलदार पूंडरी द्वारा हजवाना व बरसाना में एक-एक एफआईआर दर्ज करवाई गई।
डीसी प्रदीप दहिया ने बात्ता के नंबरदार राजकुमार व महेंद्र कुमार के अच्छा कार्य करने पर प्रशंसा भी की। डीसी ने नंबरदारों का आह्वान किया यदि वे फानों में आग लगाने की घटनाओं को रोकने में कार्य नही करेंगे तो नंबरदारी खत्म की जा सकती है।
डीसी ने गांव कैलरम, दुमाड़ा, वजीर खेड़ा, बात्ता, चौसाला के अलावा अन्य गांवों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में लगी आग को मौके पर ही बुझवाया तथा आग लगाने वाले लोगों पर कार्रवाई करने के आदेश भी दिए। इसके अलावा खेतों में ली आग बुझाने में बात्ता के नंबरदार राजकुमार व महेंद्र कुमार ने अच्छा कार्य करने पर उनकी सराहना भी की। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर किसान फानों/पराली में आग नही लगाएं। कुछ किसानों द्वारा इन सीटू के माध्यम से अच्छा प्रबंधन किया है। कृषि विभाग द्वारा कैलरम में 3 एफआईआर दर्ज करवाई तथा नायब तहसीलदार पूंडरी द्वारा हजवाना व बरसाना में एक-एक एफआईआर दर्ज करवाई गई। डीसी ने कहा कि आग लगाने से जहां जमीन की उर्वरा शक्ति कमजोर होती है वहीं प्रदूषण का स्तर भी बढ़ जाता है और इससे काफी बीमारियां फैलती है। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर बनाई गई समितियों के साथ-साथ, नंबरदार, पटवारी, ग्राम सचिव व प्रशासन के अधिकारी खेतों में आग लगने वाली घटनाओं का निरंतर निगरानी कर रहे हैं। यदि कोई भी कर्मचारी इस कार्य में लापरवाही बरतेगा उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर एसडीएम विरेंद्र ढुल, सीटीएम अमित कुमार, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद के अलावा अन्य उच्चाधिकारी मौजूद रहे।