Daytime relief from smog, morning and evening disaster, AQI reached 398
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सर्दी बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर भी बढऩे लगा है। सुबह-शाम स्मॉग छाया रहता है। रात के समय में इससे ज्यादा दिक्कत होती है। दिन में हवा चलने से मौसम थोड़ा साफ हो जाता है, लेकिन प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब स्तर पर जा चुका है। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 398 दर्ज किया गया। बारिश होने के बाद ही प्रदूषण स्तर कम होने के आसार हैं।
बढ़ता प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इसमें बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। स्मॉग के साथ अनेक प्रकार के प्रदूषित तत्व मिले होते हैं। यह शरीर में जाकर सांस से संबंधित रोग के कारण बनते हैं। चिकित्सक स्मॉग में बाहर न निकलने की हिदायत देने लगे हैं। वह सुबह-शाम घूमने वालों को सावधानी बरतने की कह रहे हैं। साथ ही लोगों को मास्क लगाने के लिए हिदायत दे रहे हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए बोर्ड की ओर से लगातार पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। पेड़ों पर जमी धूल मिट्टी को साफ किया जा रहा है ताकि मिट्टी के कण हवा में न फैल सकें और प्रदूषण कम हो सके।