हरियाणा के कैथल में अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह की अदालत ने पॉक्सो एक्ट में एक छह वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म करने के दोषी बाल अपराधी को 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की राशि वसूल होने पर पीड़ित बच्चे को दी जाएगी। इसी केस में एक दूसरे दोषी कमल को गत 30 मई को 20 साल की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी है।
इस बारे पीड़ित बच्चे के पिता ने चार मई 2020 को थाना ढांड में आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी कर रहे डीडीए जय भगवान गोयल ने एफआईआर के हवाले से बताया कि थाना ढांड के तहत एक गांव में छह साल का पीड़ित बच्चा चार मई 2020 को घर पर नहीं मिला।
उसको ढूंढते ढूंढते परिवार के लोग पास ही में एक खाली मकान की तरफ गए। वहां बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। अन्दर जाकर देखा तो वहां गांव बंदराणा निवासी कमल व एक नाबालिग मौजूद थे। वे बच्चे के परिवार वालों को देखकर मौके से भाग गए। बच्चे ने पूछने पर बताया कि दोनों ने उसके साथ गलत काम किया है।
इस शिकायत पर दोनों के खिलाफ थाना ढांड में धारा 377 आईपीसी और धारा छह पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। चालान तैयार करके अदालत के सुपुर्द किया।
मामले में कुल 19 गवाह पेश किए। एडीजे डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 43 पेज के फैसले में दूसरे नाबालिग को दोषी पाया और बीस साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।