हरियाणा के कैथल में प्रतिबंधित नशीली दवाइयां रखने के दोषी एक व्यक्ति को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कृष्णकांत की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
एंटी नारकोटिक सेल के एएसआई बलराज सिंह ने 24 अगस्त 2020 को थाना गुहला में एनडीपीएस की धारा 22-सी के तहत केस दर्ज करवाया था। डीडीए जसबीर सिंह ढांडा ने बताया कि 24 अगस्त 2020 को टीम के साथ चीका गुहला, रत्ता खेड़ा, दाबा होते हुए गांव चाबा शराब ठेके के पास पहुंचा। वहां एक व्यक्ति ने गाड़ी रुकवा सूचना दी कि गुरदीप सिहं अपने मकान पर नशीली गोलियां बेचने का धंधा करता है।
पहले उसका बेटा हरविन्द्र सिंह भी नशीली गोलियों सहित पकड़ा गया था। इस पर छापमार दल तैयार किया। इसके बाद जब उनकी गाड़ी गुरदीप सिंह के मकान के पीछे वाली गली में पहुंचीं तो एक व्यक्ति कमरे से बाहर निकला और पुलिस को सामने देख एकदम कमरे में वापिस चला गया। उसके पीछे बलराज कमरे में दाखिल हुआ तो देखा कि वह व्यक्ति दरवाजे के पीछे छुपकर खड़ा था।
पुलिस को देख कर उसने अपने हाथ में पकड़ा पॉलिथीन फर्श पर छूट गया और गोलियों के पांच पत्ते निकलकर फर्श पर बिखर गए। जांचने पर ये सभी नशीली दवाएं मिलीं। पॉलीथीन में 150 पत्तों में 1500 गोलियां बरामद हुईं। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। मामले में सुनवाई करते हुए एडीजे कृष्णकांत ने दोषी गुरदीप को 10 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।