हरियाणा के कैथल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह की अदालत ने दहेज हत्या के दोषी पति को सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। इस बारे में मृतका के भाई सुरेंद्र ने 31 अगस्त 2021 को थाना पूंडरी में धारा 304-बी, 34 आईपीसी के तहत एफआईआर नंबर 501 दर्ज करवाई थी।
केस की शिकायत पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डीडीए जेबी गोयल ने केस फाइल के हवाले से बताया कि शिकायतकर्ता सुरेंद्र की बहन मनकौर की शादी करीब छह साल पहले सोनू निवासी गांव ट्योंठा के साथ हुई थी। मनकौर के पास दो बच्चे एक लड़का व एक लड़की हैं।
31 अगस्त 2021 को सुरेंद्र मजदूरी के लिए गांव थाना जिला कुरुक्षेत्र में अपनी बुआ पानपोरी के पास गया हुआ था। सुबह आठ बजे उसके बहनोई सोनू का फोन आया कि जल्दी पूंडरी आ जाओ। सुरेंद्र ने पूंडरी आने का कारण पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया।
फिर कुछ समय बाद सोनू का दोबारा फोन आया कि मनकौर ने जहर खा लिया है। उसे वह इलाज के लिए शाह अस्पताल कैथल लेकर आया है। आप यहां पर आ जाओ। करीब एक घंटे बाद सुरेंद्र अपने परिवार वालों के साथ अस्पताल पहुंचा तो देखा कि मनकौर बेहोशी की हालत में थी और उसका इलाज चल रहा था।
आरोप है कि मनकौर के साथ उसका पति सोनू घर से पैसे लाने के लिए झगड़ा करता था। मनकौर का जेठ प्रवीन व सोनू की मौसी का लड़का पवन निवासी गांव ट्योंठा भी मनकौर को परेशान कर झगड़ा करते थे। इस कारण मनकौर तंग आकर करीब दो महीने से सुरेंद्र की बुआ पानपोरी के पास गांव थाना में रह रही थी। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त 2021 को मनकौर को गांव थाना से सोनू व पवन लेने के लिए आए थे। सुरेंद्र ने मनकौर को समझा-बुझाकर उनके साथ गांव ट्योंठा भेज दिया था।
सुरेंद्र का आरोप है कि मनकौर ने अपने पति सोनू, जेठ प्रवीन से तंग होकर व घर से पैसे मंगवाने के दबाव से घर में रखा जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। इस शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चालान तैयार कर अदालत में पेश कर दिया। मामले में कुल 15 गवाह पेश किए गए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 36 पेज के फैसले में एडीजे डा. गगनदीप कौर सिंह ने पति को दहेज हत्या का दोषी पाया तथा सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।