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मंगलवार को डेंगू के 10 नए मामले मिले

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जिले में डेंगू लगातार पांव पसार रहा है। मंगलवार को डेंगू के 10 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही मरीजों की संख्या 132 तक पहुंच गई है। डीसी प्रदीप दहिया ने स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, नगर पालिका व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर रोकथाम के निर्देश दिए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगूू के 132 केसों में से अर्बन कैथल से 91, कलायत में 17, राजौंद में 14, सीवन में 4, पूंडरी में 4, गुहला में एक व कौल में एक केस मिले हैं। कैथल शहर में मुख्यतया सीवन गेट, डोगरा गेट, प्रताप गेट, अमरगढ़ गामड़ी, चंदाना गेट में डेंगू के केस पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लारवा पाए जाने पर 1218 घरों को नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं विभिन्न विभागों की टीमों द्वारा घर-घर जाकर लारवा की जांच की जा रही है। नोटिस देने के बाद लारवा मिलने पर विभाग की ओर से दो हजार रुपये तक चालान करने का प्रावधान भी है। डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि आमजन को डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है, अगर किसी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण नजर आए तो उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल या अपने नजदीकी अस्पताल में इलाज कराना चाहिए। साथ ही घरों में लारवा न पनपने दें और घर के आस-पास साफ-सफाई रखें।
निर्धारित रेटों पर ही निजी अस्पताल करें डेंगू और मलेरिया के टेस्ट-
डीसी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू और चिकनगुनिया की जांच के लिए किए जाने वाले टेस्टों के रेट निर्धारित किए गए हैं। नियमानुसार डेंगू सेरोलॉजी आईजीएम अलीसा आधारित के लिए 600 रुपये, चिकनगुनिया सेरोलॉजी आईजीएम अलीसा आधारित के लिए भी 600 रुपये निर्धारित है। प्राइवेट अस्पताल से डेंगू की प्लेटलेट लेने पर 8500 रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि सरकारी अस्पताल में डेंगू की प्लेटलेट फ्री में दी जा रही है। यदि कोई निर्धारित रेट से ज्यादा वसूलता है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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डेंगू के लक्षण व उपचार-
साफ पानी में पनपने वाले मच्छर के कारण डेंगू फैलता है। इसके शुरुआती लक्षणों में ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार चढ़ना, सिर, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पिछले भागों में दर्द होना, अत्यधिक कमजोरी, भूख में बेहद कमी तथा जी मितलाना, मुंह के स्वाद का खराब होना, गले में हल्का सा दर्द होना शामिल है।
रोकथाम के लिए अपने आसपास के एरिया, घरों में पानी एकत्रित न होने दें, जिस क्षेत्र में मच्छरों की तादाद ज्यादा लगती है वे स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, नगर पालिका व नगर परिषद को सूचित कर छिड़काव करवाएं।
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