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रोडवेज कर्मचारी 19 से शुरू करेंगे आक्रोश पैदल यात्रा

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मांगों पर विचार विमर्श करते हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के सदस्य। - फोटो : Jind
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जींद। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के कोर कमेटी की बैठक वर्कशॉप परिसर स्थित मंदिर के प्रांगण में हुई। इसकी अध्यक्षता राज्य प्रधान दलबीर किरमारा ने की और संचालन राज्य महासचिव आजाद सिंह गिल ने किया। इसमें कर्मचारियों की लंबित मांगों पर चर्चा की गई।
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बैठक में सरकार व परिवहन अधिकारियों के उदासीन रवैये के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लागू करवाने के लिए रोडवेज कर्मचारियों की आक्रोश पैदल यात्रा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पैदल यात्रा 19 को हिसार डिपो से शुरू की जाएगी और 30 नवंबर को चंडीगढ़ में कार्यकर्ता सम्मलेन कर परिवहन मंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। दलबीर किरमारा ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की कई मांगें जैसे वर्ष 1992 से 2002 तक लगे कर्मचारियों को नियुक्त तिथि से नियमित करने, वर्ष 2016 में लगे चालकों को नियमित करना, परिचालकों का पेय ग्रेड बढ़ाने, पांच साल के बकाया बोनस का भुगतान, कर्मचारियों की काटी गई छुट्टियों को दोबारा लागू करना, तकनीकी स्केल से वंचित रहे सभी कर्मचारियों को इसका लाभ देना, चालक व परिचालकों की आठ घंटे की ड्यूटी निर्धारित करने और आठ घंटे से ज्यादा ड्यूटी करने पर ओवरटाइम का भुगतान करना हैं। इसके अलावा जूते व वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी करना, रात्रि भत्ते का भुगतान करना, कर्मचारियों के बकाया एरियर, शिक्षा भत्ता, मेडिकल बिल, एसीपी व अन्य अदायगी का भुगतान करने, निजीकरण पर रोक लगाने, विभाग में सरकारी बसों का बेड़ा बढ़ाने की मांग की गई।
कई बार मांगों के लिए हुई वार्ता
किरमारा ने कहा कि सरकार व परिवहन अधिकारियों से इन सभी मांगों को लेकर कई दौर की वार्ता हो चुकी है। सरकार ने हर बैठक में इन सभी मांगों को लागू करने का आश्वासन दिया है। लेकिन दिए गए आश्वासन के तहत आज तक किसी भी मांग को लागू नहीं किया गया। इस कारण रोडवेज कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए ही संगठन ने रोडवेज कर्मचारी आक्रोश पैदल यात्रा निकालने का फैसला लिया है। आक्रोश यात्रा में कर्मचारियों को जागृत करने के साथ-साथ आम जनता की भी राय ली जाएगी। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर इसके बाद भी सरकार नहीं चेती और बकाया मांगों को लागू नहीं किया तो 30 नवंबर को चंडीगढ़ में ज्ञापन सौंपने के बाद एक बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस अवसर पर राज्य उप वरिष्ठ प्रधान बलवान सिंह, सुभाष बिश्नोई, जगदीप लाठर, कृष्ण सहवाग, सुरेश लाठर, सुधीर अहलावत, चंद्रभान सोलंकी, चमन लाल, विनोद कुमार, कुलदीप शर्मा, रामकुमार, सज्जन कंडेला, अनिल गौतम, जयवीर व सुरेंद्र खांडा भी मौजूद रहे।
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