जींद। पिछले साल खरीफ सीजन के दौरान अधिक बारिश से व गुलाबी सुंडी से खराब हुई फसल के मुआवजे की राशि सरकार ने जारी कर दी है। इसको लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। अब यह राशि संबंधित एसडीएम कार्यालय को जाएगी और यहां से मुआवजा बंटवाया जाएगा। विशेष गिरदावरी में जिले में 53890 एकड़ में नुकसान पाया गया। जिले में 51 करोड़ 43 लाख 41 हजार 500 रुपये का मुआवजा मिलेगा। राशि जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय को मिल गई है और यहां से एसडीएम कार्यालय में भेजी जाएगी।
पिछले सीजन में अधिक बारिश के कारण धान व कपास की फसल को काफी नुकसान हुआ था। इसके अलावा कपास की फसल में गुलाबी सुंडी का भी प्रकोप रहा है। ऐसे में जिले में काफी पहले गिरदावरी हो गई थी और करीब तीन महीने पहले इसका मुआवजा भी तय हो गया। इसके बाद विभाग द्वारा लगातार इसपर आपत्तियां लगाई गईं। इसके चलते मुआवजा राशि मिलने में देरी हुई। जिले के किसान कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं।
कुल 68 हजार एकड़ फसल हुई खराब
सरकार द्वारा करवाई गिरदावरी में जिले में करीब 68 हजार एकड़ फसल में नुकसान पाया गया है। अकेले उचाना खंड में करीब 54 हजार एकड़ कपास की फसल में गुलाबी सुंडी का प्रकोप रहा। इसके अलावा जुलाना और जींद में भी कपास की फसल में नुकसान हुआ है। इसमें से 53890 एकड़ फसल ऐसी है, जिसका बीमा नहीं हुआ है। अब प्रशासन द्वारा इसी नुकसान का मुआवजा दिया जा रहा है। गिरदावरी के अनुसार उचाना खंड को जिले में सबसे ज्यादा 39 करोड़ 33 लाख 71000 रुपये मुआवजा राशि मिलेगी। उचाना में 41993 एकड़ कपास की फसल को गुलाबी सुंडी से हुए नुकसान हुआ है। इसके बाद जुलाना खंड में 4734 एकड़ फसल में नुकसान पाया गया। यहां पांच करोड़ 20 लाख 61500 रुपये मुआवजा राशि मिलेगी।