संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। राजकीय पीजी कालेज के कॉमर्स विभाग में प्राचार्या द्वारा स्टाफ रूम में उपकार्यालय बनाए जाने से आहत एचओडी सुभाष दुग्गल ने अपना सामान छात्रों के शौचालय में रख लिया। एचओडी ने कहा कि प्राचार्या अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कामर्स विभाग में अपना सब आफिस बना रही हैं, जबकि महाविद्यालय में प्राचार्य का एक ही कार्यालय होता है। वहीं प्राचार्या शीला दहिया का कहना है कि महाविद्यालय में एचओडी का पद नहीं होता और न ही एचओडी के लिए कोई व्यक्तिगत कमरा होता है। पूरे स्टाफ को बैठने के लिए केवल एक कमरा दिया जाता है। जहां वे खाली समय में आराम कर सकें। उधर एचओडी द्वारा शौचालय में सामान शिफ्ट किए जाने पर विद्यार्थियों को परेशानी हुई।
सुभाष दुग्गल ने कहा कि कॉलेज का कामर्स विभाग एक बड़ा विभाग है, जिसमें शिक्षकों की संख्या भी ज्यादा है। ऐसे में लंबे समय से दो छोटे कमरों में स्टाफ रूम बनाए हुए थे। नौ मई को प्राचार्या शीला दहिया विभाग में आईं और विभाग के एक कमरे में सब आफिस बनाने की बात कही। उस समय वह अवकाश पर थे। उसके बाद दस मई को प्राचार्य अवकाश पर रहीं। 11 मई को जब प्राचार्य से उन्होंने मिलकर कहा कि कालेज में कमरों की कमी है। ऐसे में दो छोटे-छोटे कमरों में स्टाफ रूम बनाए गए हैं, ताकि बड़े कमरे में विद्यार्थी पढ़ाई कर सकें, लेकिन प्राचार्य नहीं मानी । उन्होंने दोनों स्टाफ रूम का सामान वहां से निकालकर एक बड़े कमरे में शिफ्ट कर दिया जो पहले विद्यार्थियों के लिए कक्ष था। प्राचार्य ने एक कमरे में अपना सब ऑफि स बना लिया तो दूसरे कमरे में विद्यार्थियों के लिए कक्ष बनवाकर वहां बैंच रखवा दीं।
दुग्गल ने कहा कि किसी भी महाविद्यालय में प्राचार्य के दो आफिस नहीं हैं। उनके कॉलेज में तो कमरों की काफी कमी है। विद्यार्थी बाहर खुले में बैठकर अपनी कक्षाएं लगाते हैं। ऐसे में प्राचार्या के सब आफिस का कोई औचित्य नहीं बनता।
वर्जन
कामर्स विभाग में दो स्टाफ रूम चल रहे थे। दोनों को खाली करके शिक्षकों के लिए एक बड़ा कमरा दिया गया है। एचओडी को भी स्टाफ के साथ बैठना होता है। उनके लिए व्यक्तिगत कमरा अलग से देने का कोई प्रावधान नहीं है। कामर्स विभाग के विद्यार्थियों द्वारा लगातार समस्याएं दी जा रहीं थी। विद्यार्थियों की समस्या को हल करने और पर्यवेक्षण करने के लिए विभाग में एक सब ऑफिस बनाया गया है। एचओडी का सामान भी बड़े कमरे में शिफ्ट करवाया गया था। उन्होंने बिना बताए अपना सामान शौचालय में शिफ्ट करवा लिया। शौचालय को खाली करने के लिए कहा जाएगा। अगर एचओडी यह लिखकर दें कि शौचालय प्रयोग में नहीं लाया जाता तो पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को लिखकर यहां विद्यार्थियों के लिए एक कमरा बनाया जाएगा।
शीला दहिया प्राचार्य राजकीय पीजी कॉलेज